Mumbai Court ने BJP पार्षद Akash Purohit की याचिका खारिज की, गैर-जमानती वारंट पर गिरफ्तार

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मुंबई की एक सत्र अदालत ने 2020 के बिजली आपूर्ति प्रदर्शन मामले में सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने पर भारतीय जनता पार्टी के पार्षद आकाश पुरोहित के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को वापस लेने से इनकार करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पूर्व मंत्री राज पुरोहित के पुत्र आकाश पुरोहित पर बेस्ट के तत्कालीन महाप्रबंधक को बंधक बनाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा सहित 20 लोगों के साथ मामला दर्ज है। अदालत द्वारा अर्जी खारिज होने के बाद पुरोहित अब जमानत के लिए बंबई उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

मुंबई, छह अगस्त मुंबई की एक अदालत ने बिजली आपूर्ति को लेकर 2020 में यहां हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद आकाश पुरोहित के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द करने की याचिका खारिज कर दी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने निर्धारित सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने पर जारी गैर-जमानती वारंट वापस लेने से इनकार कर दिया और पुरोहित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुरोहित के वकील ने दलील दी कि बुधवार को भारी यातायात के कारण उनके मुवक्किल को अदालत पहुंचने में देरी हुई लेकिन सत्र अदालत ने कहा कि आरोपी जानबूझकर मामले को टालने के तरीके अपना रहा है और रिहा किए जाने पर उसके भविष्य में अधीनस्थ अदालत के समक्ष पेश होने की संभावना नहीं है।

आकाश पुरोहित महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और भाजपा के दिवंगत वरिष्ठ नेता राज पुरोहित के पुत्र हैं। यह मामला बिजली आपूर्ति को लेकर 2020 में हुए एक प्रदर्शन से संबंधित है। इस मामले में आकाश पुरोहित और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर तथा मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा समेत 20 लोगों के खिलाफ बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन उपक्रम (बेस्ट) के तत्कालीन महाप्रबंधक को ‘‘गलत तरीके से रोककर रखने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने’’ के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

जांच अधिकारी की बुधवार को गवाही होनी थी और आरोपियों की पहचान के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी थी लेकिन आकाश पुरोहित और कुछ अन्य आरोपियों के अदालत में पेश नहीं होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। आरोपी बाद में अदालत में पेश हुए और गैर-जमानती वारंट रद्द करने का अनुरोध किया। अदालत ने कुछ अन्य आरोपियों की ऐसी ही याचिकाएं स्वीकार कर लीं लेकिन पुरोहित की याचिका खारिज कर दी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों के वकील ने कहा कि भारी यातायात और अदालत परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण उन्हें पहुंचने में देरी हुई। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पुरोहित के खिलाफ पहले भी गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे और ऐसे वारंट रद्द कराने के लिए वह पहले 2,000 रुपये का जुर्माना भी भर चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि आकाश पुरोहित जमानत के लिए बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

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