Odisha के गिड़ीपबाली में Landslide के बाद 12 लोग लापता, 170 बचावकर्मी खोज में जुटे

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ओडिशा में गंजाम और कंधमाल सीमा पर स्थित गिड़ीपबाली गांव में भूस्खलन के बाद लापता 12 लोगों की तलाश के लिए व्यापक अभियान जारी है। विशेष राहत आयुक्त के अनुसार एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और एसओजी के 170 कर्मियों को प्रभावित इलाके में तैनात किया गया है। चक्रवात अर्नब की बारिश के कारण हुए इस हादसे में 13 लोग सुरक्षित बचकर राहत शिविर पहुंचे हैं।

ओडिशा सरकार ने गंजाम और कंधमाल जिलों की सीमा पर स्थित एक गांव में बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद लापता हुए 12 लोगों की तलाश के लिए एक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल ने बताया कि लापता लोगों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और विशेष अभियान समूह (एसओजी) के कुल 170 कर्मियों को तैनात किया गया है।

पाटिल ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, पहाड़ी पर स्थित इस गांव में 26 लोग रहते थे। इनमें से 13 लोग भूस्खलन से बचकर निकलने में सफल रहे, जबकि 13 लापता हो गए। लापता लोगों में से एक का पता लगा लिया गया है, जबकि अन्य का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

शुक्रवार रात से ही तलाशी अभियान जारी है। गंजाम जिले के भंजनगर ब्लॉक के बैबली पंचायत अंतर्गत गिड़ीपबाली गांव में हुआ भूस्खलन चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण लगातार हुई बारिश के दौरान हुई ऐसी 10 घटनाओं में से एक था। भारी बारिश के कारण राज्य के दक्षिणी हिस्से के सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए।

विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि शुक्रवार को कंधमाल जिले में भूस्खलन की एक घटना में नौ महीने के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि गजपति जिले में भी एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि गंजाम समेत बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं और लोगों की सुरक्षा तथा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

प्रशासन और बचाव दल प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।’’ वहीं, विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के कारण ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए भूस्खलन की घटना में कई लोगों की जान जाने और अनेक लोगों के लापता होने की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि लोगों को बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं और जनजीवन सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जाये।’’ गिड़ीपबाली गांव में भूस्खलन से बचकर निकले 13 लोगों ने कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि के निकट एक राहत केंद्र में शरण ली है। कंधमाल के जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि इन लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं।

राहत केंद्र में मौजूद रीनीमा मलिक ने कहा, पहाड़ी से भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे आया, जिसने घरों को अपनी चपेट में लेकर पूरे गांव को तबाह कर दिया। मलिक ने कहा, हममें से कुछ लोग किसी तरह वहां से भागने में सफल रहे और बाकी लोग भी हमारे पीछे आ रहे थे, लेकिन वे यहां तक नहीं पहुंच सके। एक अन्य जीवित बची महिला सौदामिनी मलिक ने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं।

उन्होंने प्रशासन से उनकी जान बचाने की अपील की। उन्होंने दावा किया, जो लोग बचकर निकले हैं, उन सभी को पत्थरों की चोट लगने से चोटें आई हैं। जी. उदयगिरि के प्रखंड विकास अधिकारी सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि घायल महिलाओं समिता मलिक और मनीमा प्रधान को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

गंजाम के जिलाधिकारी वी. कीर्ति वासन ने कहा कि आस्का और जिले के अन्य हिस्सों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, स्थिति सामान्य करने के लिए समन्वित प्रयासों के चलते आस्का में हालात में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक पेयजल के 10 टैंकर और लगभग 30,000 बोतलें वितरित की गई थीं।

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