कार्यकर्ताओं ने हर जगह किया अच्छा काम, विपक्ष की खुशी धीरे-धीरे होगी कम: पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस बार हमने 60 पार का नारा दिया है, पार्टी का बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा है हर जगह पर कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छा काम किया है। विपक्ष की खुशी धीरे-धीरे कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को हरिद्वार के दक्षिण काली मंदिर में दर्शन किए और पार्टी की जीत की दुआ मांगी।
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और इसी के साथ ही तमाम राजनीतिक दलों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। क्योंकि 10 मार्च को उनकी किस्मत का फैसला होगा। इससे पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार के दक्षिण काली मंदिर में दर्शन किए और पार्टी की जीत की दुआ मांगी।
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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस बार हमने 60 पार का नारा दिया है, पार्टी का बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा है हर जगह पर कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छा काम किया है। विपक्ष की खुशी धीरे-धीरे कम हो जाएगी।
Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami offers prayers at Dakshin Kali Mandir in Haridwar, Uttarakhand.
"We are crossing 60 this time. All our workers have worked really hard. Soon, Opposition will be disappointed," he says pic.twitter.com/Z7gsYnEXwc— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) February 21, 2022
पूर्व मुख्यमंत्रियों से मिल रहे
धामी विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से मिलना जुलना शुरू कर दिया है। हाल ही में उन्होंने रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। लेकिन इसे शिष्टाचार भेंट का नाम दिया गया है। माना जा रहा है कि अगर भाजपा बहुमत के आंकड़े से पीछे रह जाती है तो पुराने दिग्गज नेता ही पार्टी की नईयां पार करा सकते हैं।
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रमेश पोखरियाल निशंक दूसरे दलों में जोड़-तोड़ करने और विधायकों से संपर्क साधने के मामले में हुकुम का एक्का साबित हो सकते हैं। जबकि त्रिवेंद्र सिंह रावत का कई विधायकों के साथ सीधा संपर्क है। ऐसे में पार्टी पुष्कर सिंह धामी के माध्यम से इन नेताओं को साधने की कोशिश कर रही है क्योंकि टिकट बंटवारे के बाद पार्टी के भीतर अंतर्कलह की स्थिति उत्पन्न हो गई थी और पार्टी नहीं चाहती है कि 10 मार्च को आने वाले नतीजों के बाद उनकी स्थिति गड़बड़ाए। ऐसे में तमाम संभावनाओं को टटोलकर पार्टी आगे बढ़ रही है।
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