Jagti Township में घटिया मरम्मत की स्वतंत्र जांच हो, Panun Kashmir ने उठाई मांग

पनुन कश्मीर ने जम्मू स्थित जगती टाउनशिप और अन्य कश्मीरी पंडित कॉलोनियों में चल रहे मरम्मत कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि 4,224 फ्लैटों की निगरानी के लिए सिर्फ एक कनिष्ठ अभियंता तैनात है, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते हैं। उसने अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने तथा खर्चों का ब्योरा सार्वजनिक करने की अपील की है।
कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ‘पनुन कश्मीर’ ने जम्मू में जगती टाउनशिप और कश्मीरी पंडितों के विस्थापित परिवारों के लिए बनी अन्य कॉलोनियों में ★★मरम्मत, नवीनीकरण और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और खराब गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की★★ बृहस्पतिवार को मांग की। संगठन की विशेष इकाई ‘पनुन कश्मीर शिकायत प्रकोष्ठ’ ने ★★निर्माण कार्यों की कथित खराब गुणवत्ता, घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और पर्याप्त तकनीकी निगरानी नहीं होने★★ पर चिंता जताई। उसने सरकार से ★★सड़क एवं भवन विभाग (आरएंडबी) की ओर से कराए जा रहे कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने★★ का आग्रह किया।
संगठन ने एक बयान में कहा कि ★★आवासीय इमारतों की बिगड़ती हालत और जारी कार्यों की गुणवत्ता को लेकर चिंताओं से परियोजनाओं को लागू करने के तरीके और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल खड़े होते हैं।★★ उसने बताया कि जगती टाउनशिप में 176 ब्लॉक हैं, जिनमें लगभग 4,224 फ्लैट हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि पूरी टाउनशिप में कार्यों की निगरानी के लिए कथित तौर पर केवल एक कनिष्ठ अभियंता की तैनाती से गुणवत्ता नियंत्रण और निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के पालन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। संगठन ने यह सवाल भी उठाया कि क्या बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले इमारतों की ★★मजबूती और सुरक्षा की व्यापक जांच कराई गई थी तथा क्या निर्माण सामग्री और कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।★★ पनुन कश्मीर ने राहत एवं पुनर्वास आयुक्त और जम्मू-कश्मीर सरकार से स्वतंत्र तकनीकी जांच के आदेश देने, प्रभावित ब्लॉकों का तत्काल निरीक्षण कराने तथा किसी प्रतिष्ठित स्वतंत्र तकनीकी संस्थान के माध्यम से ★★इमारतों की मजबूती और सुरक्षा की व्यापक जांच कराने★★ की मांग की।
उसने ★★पर्याप्त संख्या में अभियंताओं और निगरानी कर्मचारियों की तैनाती, जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री की स्वतंत्र जांच तथा बिलों को मंजूरी देने और भुगतान जारी करने से पहले पूरे हो चुके कार्यों का मौके पर जाकर अनिवार्य सत्यापन कराने★★ की भी मांग की। संगठन ने संबंधित नियमों के तहत ★★मंजूर की गई धनराशि, कार्यादेशों, ठेकेदारों, निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान का ब्योरा सार्वजनिक करने★★ का भी आग्रह किया। ★★सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में जवाबदेही को जरूरी बताते हुए★★ संगठन ने कहा कि लापरवाही, घटिया काम या निर्धारित मानकों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों या ठेकेदारों के खिलाफ कानून के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उसने कहा कि ★★जिन मामलों में जिम्मेदारी तय हो, वहां खराब कार्यों को जिम्मेदार पक्ष के खर्च पर ठीक कराया जाना चाहिए।★★ संगठन ने कहा कि इन कॉलोनियों में ★★अपने पैतृक क्षेत्र से विस्थापित हुए हजारों कश्मीरी हिंदू परिवार★★ रहते हैं। उसने ★★कहा कि उनके पुनर्वास के दौरान सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।★★ पनुन कश्मीर ने उपराज्यपाल, मुख्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा यह सुनिश्चित करने की अपील की कि सभी मरम्मत एवं विकास कार्य निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों। संगठन ने कहा कि इन कॉलोनियों में रह रहे ‘‘नरसंहार ★★से बचे लोगों और पीड़ितों की सुरक्षा तथा गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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