Arunachal Pradesh के मोरान समुदाय के लोगों को असम में नौकरी के लिए पंजीकरण करने की अनुमति: हिमंत

ओबीसी आरक्षण के तहत राज्य सिविल एवं पुलिस सेवाओं की भर्ती में एक-एक पद के आरक्षण को भी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने 27 परियोजनाओं के लिए नाबार्ड से 200.36 करोड़ रुपये का ऋण लेने को भी हरी झंडी दे दी है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश में रहने वाले मोरान समुदाय के लोगों का तिनसुकिया जिले के रोजगार कार्यालय में पंजीकरण कराने को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि इससे समुदाय से संबंधित लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया, ‘‘राज्य मंत्रिमंडल ने असम की सीमा से लगते अरुणाचल प्रदेश में रहने वाले मोरान समुदाय के उन व्यक्तियों के पंजीकरण की अनुमति दे दी है, जिनके पास असम सरकार द्वारा जारी वैध स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र हैं। उन्हें तिनसुकिया जिले के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत किया जा सकता है।’’
शर्मा ने कहा कि पंजीकरण से उन्हें सरकारी भर्ती और रोजगार संबंधी पहलों में भाग लेने में मदद मिलेगी, जिससे असम में औपचारिक रोजगार माध्यमों तक उनकी पहुंच में सुधार होगा।
इसके अलावा, असम मंत्रिमंडल ने चुटिया समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अगले पांच संयुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ओबीसी आरक्षण के तहत राज्य सिविल एवं पुलिस सेवाओं की भर्ती में एक-एक पद के आरक्षण को भी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने 27 परियोजनाओं के लिए नाबार्ड से 200.36 करोड़ रुपये का ऋण लेने को भी हरी झंडी दे दी है।
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