राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी में बोले PM मोदी, स्ट्रेस फ्री एक्टिविटी की ट्रेनिंग आज सुरक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक

मोदी ने कहा कि आज के ही दिन नमक सत्याग्रह के लिए इसी धरती से दांडी यात्रा की शुरुआत हुई थी। गांधी जी के नेतृत्व में अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ जो आंदोलन चला, उसने अंग्रेजी हुकूमत को हम भारतीय की सामूहिक सामर्थ्य का अहसास करा दिया था। मैं दांडी यात्रा में शामिल हुई सभी सत्याग्रहियों का पुण्य स्मरण करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिन के गुजरात दौरे पर हैं। आज उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) की इमारत का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि आजादी के बाद देश के सुरक्षा तंत्र में सुधार की जरूरत थी, हमें लोगों को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आना मेरे लिए विशेष आनंद का अवसर है। ये विश्वविद्यालय, देशभर में रक्षा के क्षेत्र में जो अपना करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए महत्वपूर्ण है। रक्षा के क्षेत्र में 21वीं सदी को जो चुनौतियां हैं, उनके अनुकूल हमारी व्यवस्था भी विकसित हो, और उन व्यवस्थाओं को संभालने वाले व्यक्तित्व का विकास हो, इसके लिए इस विश्वविद्यालय का जन्म हुआ है।
मोदी ने कहा कि आज के ही दिन नमक सत्याग्रह के लिए इसी धरती से दांडी यात्रा की शुरुआत हुई थी। गांधी जी के नेतृत्व में अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ जो आंदोलन चला, उसने अंग्रेजी हुकूमत को हम भारतीय की सामूहिक सामर्थ्य का अहसास करा दिया था। मैं दांडी यात्रा में शामिल हुई सभी सत्याग्रहियों का पुण्य स्मरण करता हूं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आजादी के बाद हमारे देश में कानून व्यवस्था के लिए जो काम होना चाहिए था, उसमें हम पीछे रह गए। आज भी पुलिस के संदर्भ में जो अवधारणा बनी है, वो ये है कि इनसे दूर रहो। वहीं सेना के लिए अवधारणा है कि सेना के लोग आ जाएं तो कोई परेशानी नहीं होती। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में ऐसी मैन पावर को सुरक्षा के क्षेत्र में लाना जरूरी है, जो सामान्य मानवी के मन में मित्रता की, विश्वास की अनुभूति कर सके।Gujarat | Technology has now become a potential weapon in the security apparatus. Mere physical training is not enough to be in security forces, now specially-abled people can also contribute to the security sector despite not being physically fit: PM Modi in Gandhinagar pic.twitter.com/KTwnRsuDxj
— ANI (@ANI) March 12, 2022
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मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंदर जनता-जनार्दन को सर्वोपरि मानते हुए, समाज में द्रोह करने वालों के साथ सख्त नीति और समाज के साथ नरम नीति, इस मूल मंत्र को लेकर हमें ऐसी ही व्यवस्था विकसित करनी होगी। स्ट्रेस फ्री एक्टिविटी की ट्रेनिंग आज सुरक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक हो गई है।इसके लिए ट्रेनर्स की आवश्यकता हो गई है। ऐसे में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी इस प्रकार के ट्रेनर भी तैयार कर सकती है। उन्होंने कहा कि तकनीक एक बहुत बड़ी चुनौती है। अगर विशेषज्ञता नहीं है, तो हम समय पर जो करना चाहिए, वो नहीं कर पाते हैं। जिस प्रकार से साइबर सिक्योरिटी के मुद्दे सामने आते हैं, जिस प्रकार से क्राइम में तकनीक बढ़ती जा रही है, उसी प्रकार से क्राइम को कम करने में तकनीक बहुत मददगार भी हो रही है।
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अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधीनगर आज शिक्षा की दृष्टि से एक बहुत बड़ा वाइब्रेंट एरिया बनता जा रहा है। एक ही इलाके में कई सारी यूनिवर्सिटी और दो यूनिवर्सिटी ऐसी हैं जो पूरे विश्व में पहली यूनिवर्सिटी है। फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी पूरी दुनिया में कहीं पर नहीं है। पूरी दुनिया में कहीं पर भी चिल्ड्रेन यूनिवर्सिटी नहीं है। गांधीनगर और हिंदुस्तान अकेला ऐसा है जिसके पास से दो यूनिवर्सिटी है। मोदी ने कहा कि रक्षा विश्वविद्यालय के माध्यम से हम उस प्रकार से लोगों को तैयार करना चाहते हैं, जो कम संसाधनों में भी चीजों को संभालने का सामर्थ्य रखें। हमें देश की रक्षा के लिए डेडिकेटेड वर्क फोर्स हर स्तर पर तैयार करनी होगा। उन्होंने कहा कि आपने यूनिफॉर्म पहन ली तो ये सोचने की गलती मत करना की दुनिया आपकी मुठ्ठी में है। यूनिफॉर्म की इज्जत तब बढ़ती है, जब उसके भीतर मानवता होती है। यूनिफॉर्म की इज्जत तब बढ़ती है, जब उसमें करुणा का भाव होता है। यूनिफॉर्म की ताकत तब बढ़ती है, जब माताओं-बहनों, पीड़ित, वंचितों के कर गुजरने की आकांक्षा होती है।
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