Punjab Assembly सत्र 10 मिनट में स्थगित, Congress ने आप सरकार को घेरा

शोक प्रस्तावों के तुरंत बाद पंजाब विधानसभा की बैठक शुक्रवार तक स्थगित होने पर विपक्षी दल ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भगवंत मान सरकार कानून-व्यवस्था और नशाखोरी जैसे गंभीर मसलों पर चर्चा से बच रही है।
पंजाब विधानसभा के सत्र का पहला दिन महज 10 मिनट में समाप्त होने के बाद बृहस्पतिवार को प्रदेश कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या समेत राज्य के अहम मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सदन से ‘‘भाग गई।’’ शोक प्रस्तावों के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। शोक प्रस्तावों के बाद प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, संकल्प और अन्य विषयों पर चर्चा होनी थी।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विधानसभा सत्र का पहला दिन महज नौ मिनट में समाप्त हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या समेत कई अहम मुद्दों पर सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार ने जवाबदेही से बचने और विधानसभा से ‘‘भागने’’ का विकल्प चुना। उन्होंने कहा, ‘‘हम सदन में कानून-व्यवस्था, खेती और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा चाहते थे।’’ नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी आप सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग कर रही है। कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘‘वह (मान) आज सदन में नहीं आए।’’ बाजवा ने कहा कि अध्यक्ष ने गैर-सरकारी कामकाज नहीं कराया और दावा किया कि इस संबंध में विपक्षी दलों को विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह पांच साल में आप की पहली नैतिक हार है।
उन्होंने हार स्वीकार कर ली है। मंत्रियों और विधायकों के चेहरों पर हार साफ दिखाई दे रही थी।’’ बाजवा ने कहा, ‘‘पंजाब में रहने वाले लोग इस बात पर एकमत हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और यहां किसी की जान सुरक्षित नहीं है। हम (मान का) इस्तीफा मांगते हैं और वह जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते।’’ विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले पंजाब कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर मुख्यमंत्री मान का पुतला भी जलाया।
आप सरकार पर सभी मोर्चों पर ‘‘विफल’’ रहने का आरोप लगाते हुए बाजवा ने नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘नशा हर घर तक पहुंच गया है। कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।’’ बाजवा ने कहा, ‘‘पंजाब की अर्थव्यवस्था बदहाल है।
राज्य पर कर्ज बढ़कर पांच लाख करोड़ रुपये हो गया है।’’ नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या के मुद्दे पर आप सरकार की आलोचना करते हुए बाजवा ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने और न ही पार्टी अध्यक्ष ने झोटा के परिवार से मुलाकात की। परगट सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में शासन-व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों, कंप्यूटर शिक्षकों, रोडवेज कर्मचारियों समेत विभिन्न वर्गों के लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतों का समाधान करने के बजाय सरकार उनसे बचने के तरीके तलाश रही है। परगट सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सुशासन के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब राज्य में प्रशासनिक ‘‘कुप्रबंधन और जवाबदेही का स्पष्ट अभाव’’ दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से पंजाब का शासन चलाने वाले लोग अब राजनीतिक रूप से राज्य की स्थिति से दूरी बना रहे हैं, लेकिन वे राज्य को हुए नुकसान की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पंजाब के हितों को ‘‘नुकसान पहुंचाने’’ और लोगों के साथ ‘‘अन्याय’’ के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। झोटा मामले का उल्लेख करते हुए परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पांच मामलों का सामना कर रहे आरोपी को भी हथियार का लाइसेंस जारी किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पंजाब दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से राज्य की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि पंजाब में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और राज्य के हितों की रक्षा के लिए उसने अब तक कौन से ठोस कदम उठाए हैं।
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