सिलेबस में बदलाव पर भड़के राहुल गांधी, सीबीएसई और आरएसएस पर साधा निशाना

सिलेबस में बदलाव पर भड़के राहुल गांधी, सीबीएसई और आरएसएस पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने इस बदलाव को लेकर ट्वीट करते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर बताया। इसका अर्थ समझने की कोशिश करें तो राहुल गांधी इसे सीधा राष्ट्रीय शिक्षा को बर्बाद करने वाला कदम बता रहे हैं। राहुल गांधी ने सीबीएसई को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सप्रेसिंह एजुकेशन भी कहा है।

हाल में ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सिलेबस में कई बड़े बदलाव किए है। हालांकि सीबीएसई के सिलेबस में बदलाव को लेकर लगातार राजनीति भी हो रही है। इन सबके बीच बोर्ड के रिवाइज्ड सिलेबस को लेकर राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इस बदलाव को 'दमनकारी' बताया है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने शिक्षा बोर्ड और आरएसएस पर भी कटाक्ष किया। राहुल गांधी ने इस बदलाव को लेकर ट्वीट करते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर बताया। इसका अर्थ समझने की कोशिश करें तो राहुल गांधी इसे सीधा राष्ट्रीय शिक्षा को बर्बाद करने वाला कदम बता रहे हैं। राहुल गांधी ने सीबीएसई को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सप्रेसिंह एजुकेशन भी कहा है।

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में फैज की कविता, लोकतंत्र और विविधता, मुगल कोर्ट, गुटनिरपेक्ष आंदोलन इत्यादि जैसे कुछ विषयों को रखा है। यह ऐसे विषय हैं जिन्हें इस बार के सिलेबस में हटा दिया गया है। अब इसी को लेकर राहुल गांधी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। दरअसल, सीबीएसई ने कक्षा 11 और 12 के इतिहास एवं राजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम से गुटनिरपेक्ष आंदोलन, शीतयुद्ध के दौर, अफ्रीकी-एशियाई क्षेत्रों में इस्लामी साम्राज्य के उदय, मुगल दरबारों के इतिहास और औद्योगिक क्रांति से संबंधित अध्याय हटा दिए हैं। इसी तरह, कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में खाद्य सुरक्षा से संबंधित अध्याय से ‘कृषि पर वैश्वीकरण का प्रभाव’ विषय को हटा दिया गया है। इसके साथ ही धर्म, सांप्रदायिकता और राजनीति-सांप्रदायिकता धर्मनिरपेक्ष राज्य खंड से फैज अहमद फैज की दो उर्दू कविताओं के अनुवादित अंश को भी इस साल बाहर कर दिया गया है। 

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सीबीएसई ने पाठ्यक्रम सामग्री से लोकतंत्र और विविधता संबंधी अध्याय भी हटा दिए हैं। विषयों या अध्यायों को हटाए जाने से संबंधित तर्क के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि परिवर्तन पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाए जाने का हिस्सा है तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की सिफारिशों के अनुरूप है। पिछले साल के पाठ्यक्रम विवरण के अनुसार, कक्षा 11 के इतिहास पाठ्यक्रम से इस साल हटाया गया अध्याय ‘सेंट्रल इस्लामिक लैंड्स’ अफ्रीकी-एशियाई क्षेत्र में इस्लामी साम्राज्य के उदय और अर्थव्यवस्था एवं समाज पर इसके प्रभाव के बारे में बात करता है। इसी तरह, कक्षा 12 के इतिहास पाठ्यक्रम में द मुगल कोर्ट: रीकंस्ट्रक्टिंग हिस्ट्रीज थ्रू क्रॉनिकल्स शीर्षक वाला अध्याय मुगलों के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास के पुनर्निर्माण के संबंध में मुगल दरबारों के इतिहास की पड़ताल करता है। 





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