Rahul Gandhi ने Congress को आगे बढ़ाने के लिए बनाई नई रणनीति, अपने कई करीबियों को पार्टी में दिलाये अहम पद

कांग्रेस की विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नेताओं को नयी जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही राजीव शुक्ला, मोहन प्रकाश, देवेंद्र यादव, अजय कुमार, दीपक बाबरिया और भरत सिंह सोलंकी को प्रदेश प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर दिया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी को निराशा से उबारने की नई रणनीति बनाई है और उसे आगे बढ़ाने के लिए अपने करीबियों को पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलवाये हैं। कांग्रेस की ओर से संगठन में जो फेरबदल किया गया है वह साफ दर्शा रहा है कि भले पार्टी अध्यक्ष पद पर मल्लिकार्जुन खरगे हों लेकिन चलती सिर्फ राहुल गांधी की ही है। हम आपको बता दें कि कांग्रेस ने एक के बाद एक कई विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अपने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए दो नए महासचिव और नौ प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए हैं। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्यसभा सदस्य सैयद नासिर हुसैन को महासचिव तथा रजनी पाटिल, बीके हरिप्रसाद और मीनाक्षी नटराजन समेत नौ नेताओं को विभिन्न प्रदेशों का प्रभारी नियुक्त किया है।
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नेताओं को नयी जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही राजीव शुक्ला, मोहन प्रकाश, देवेंद्र यादव, अजय कुमार, दीपक बाबरिया और भरत सिंह सोलंकी को प्रदेश प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर दिया है। हम आपको बता दें कि राजीव शुक्ला हिमाचल प्रदेश, मोहन प्रकाश बिहार, देवेंद्र यादव पंजाब, अजय कुमार ओडिशा, दीपक बाबरिया हरियाणा और भरत सिंह सोलंकी जम्मू-कश्मीर के प्रभारी का उत्तरदायित्व निभा रहे थे। देवेंद्र यादव फिलहाल दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दीपक बाबरिया ने हरियाणा में पार्टी की हार के बाद पद छोड़ने की पेशकश की थी। देखा जाये तो इन सभी राज्यों में कांग्रेस की हालत हालिया चुनावों में खराब रही या फिर यह प्रभारी अपने प्रभार वाले राज्यों में गुटबाजी को थामने और कांग्रेस को आगे बढ़ाने में विफल रहे।
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इसके अलावा, बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए कांग्रेस उत्तर भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में अपनी वापसी के लिए नये सिरे से प्रयास करना चाहती है। पार्टी ने कर्नाटक के युवा नेता कृष्णा अल्लावरू को बिहार का प्रभारी बनाया है। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कृष्णा अल्लावरू अब तक भारतीय युवा कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। राहुल गांधी ने अपने करीबी को राज्य में पार्टी मामलों का प्रभारी बनाकर साफ संकेत दिये हैं कि लालू-तेजस्वी के साथ सीटों के बंटवारे पर अब उनकी ओर से बातचीत कृष्णा अल्लावरू ही करेंगे।
इसके अलावा नवनियुक्त महासचिव भूपेश बघेल को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधानसभा चुनावों में हार के बाद से माना जा रहा है कि यह पार्टी पंजाब में भी कमजोर होगी। राज्य में 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं इसलिए भूपेश बघेल को वहां पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसके अलावा नासिर हुसैन को जम्मू-कश्मीर का प्रभार सौंपा गया है। हुसैन को कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है और उन्हें पूरी तरह जम्मू-कश्मीर पर ध्यान देने को कहा गया है क्योंकि हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था।
इसके अलावा, कांग्रेस ने रजनी पाटिल को हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़, हरिप्रसाद को हरियाणा, हरीश चौधरी को मध्य प्रदेश, गिरीश चोडानकर को तमिलनाडु एवं पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को ओडिशा, के. राजू को झारखंड, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को तेलंगाना, लोकसभा सदस्य सप्तगिरि उलाका को मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम और नगालैंड तथा कृष्णा अल्लावरू को बिहार का प्रभारी बनाया है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी के अन्य सभी महासचिव और प्रदेश प्रभारी सेवा देते रहेंगे। हम आपको बता दें कि इस बदलाव के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिवों की कुल संख्या 12 से बढ़कर 13 हो गई है।
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