Raj Thackeray ने बीएमसी चुनाव में मनसे के खराब प्रदर्शन को स्वीकार किया

राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में मनसे और शिव सेना (उबाठा) दोनों के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह लड़ाई आसान नहीं रही। उन्होंने लिखा, ‘‘यह लड़ाई ‘शिव शक्ति’ और धनशक्ति के बीच थी।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को बीएमसी चुनाव में उम्मीदों के मुताबिक पार्टी के प्रदर्शन न कर पाने की बात स्वीकार की और मराठी मानुष के लिए लड़ाई जारी रखने की बात कही।
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बीएमसी चुनावों को ‘शिव शक्ति और धनशक्ति’ के बीच की लड़ाई बताया, और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि इस हार से निराश नहीं हों।
मनसे प्रमुख ने 20 साल के अंतराल के बाद शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष और चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ बीएमसी चुनाव के लिए हाथ मिलाया था। दोनों ने सबसे धनी नगर निकाय बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में जीत हासिल करने के लिए खुद को मराठी अस्मिता के रक्षक के रूप में प्रस्तुत किया था।
राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना (उबाठा) और मनसे कार्यकर्ताओं की सराहना की। शिवसेना (उबाठा) ने 227 सदस्यीय बीएमसी के चुनाव में 65 सीट जीतीं, जबकि मनसे केवल छह सीट जीत पाई।
राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में मनसे और शिव सेना (उबाठा) दोनों के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह लड़ाई आसान नहीं रही। उन्होंने लिखा, ‘‘यह लड़ाई ‘शिव शक्ति’ और धनशक्ति के बीच थी। फिर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छी लड़ाई लड़ी।’’ राज ठाकरे ने चुनाव परिणाम पार्टी के पक्ष में न आने के बावजूद कार्यकर्ताओं के संघर्ष को सराहा और उन्हें प्रोत्साहित किया।
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