NSUI नेता Ritu Barala पर हमले को लेकर Congress ने Jaipur में Zero FIR की मांग की

जयपुर में कांग्रेस नेताओं ने NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला पर दिल्ली में हुए कथित हमले को लेकर Zero FIR दर्ज कराने की मांग की। गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक गहलोत सहित वरिष्ठ नेताओं ने BNSS धारा 173(1) का हवाला देते हुए पुलिस कमिश्नरेट में विरोध जताया। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने इस मामले पर भाजपा सरकार की चुप्पी की आलोचना की।
मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने 'जीरो FIR' दर्ज करने की मांग की। यह मांग तब उठी जब NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला ने आरोप लगाया कि नई दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की महिला कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। नेताओं का आरोप है कि मोती डूंगरी पुलिस थाने ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया न देने के लिए BJP सरकार की आलोचना की और मुख्यमंत्री तथा पार्टी के अन्य नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए।
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कागज़ी ने कहा कि आज हमारी बेटी के साथ बर्बरता और दुर्व्यवहार हो रहा है, लेकिन सरकार कहाँ है? वे नेता कहाँ हैं जो कभी ‘नहीं सहेगा राजस्थान’ का नारा लगाते थे?.. राजस्थान में एक बेटी के साथ हुई इस भयानक बर्बरता पर, बीजेपी के किसी भी नेता, मंत्री या मुख्यमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। 18 घंटे बीत चुके हैं, और इस दौरान उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा है। जान लें कि विपक्ष मजबूत है। विधानसभा में यह मुद्दा उठाया जाएगा और अदालतें भी इस पर संज्ञान लेंगी। कांग्रेस का हर एक कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी की इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है।
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफ़ीक़ खान ने दावा किया कि पुलिस ने शिकायत तो ले ली, लेकिन उसे औपचारिक रूप से दर्ज करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नरेट से संपर्क किया। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि 'जीरो FIR' दर्ज कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह मिलने के बाद, प्रतिनिधिमंडल कमिश्नरेट में ही रुका रहा। उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) का हवाला दिया।
डोटासरा ने कहा कि हम यहाँ किसी ‘विरोध-प्रदर्शन’ के लिए नहीं बैठे हैं। हम यहाँ उनके ही निर्देशों का पालन करते हुए बैठे हैं। हमारी कानूनी टीम और हमारे नेता ‘जीरो FIR’ दर्ज कराने के लिए मोती डूंगरी पुलिस स्टेशन गए थे। मोती डूंगरी स्टेशन पर हमें बताया गया कि हमें कमिश्नर को एक आवेदन देना होगा। जब हम कमिश्नर से मिलने पहुँचे, तो वे वहाँ नहीं थे; उनकी जगह एडिशनल कमिश्नर रामेश्वर सिंह मौजूद थे। हमने उन्हें बताया कि BNSS की धारा 173(1) के तहत ‘जीरो FIR’ दर्ज की जानी चाहिए... उन्होंने हमसे कमरा नंबर नौ में इंतज़ार करने को कहा और बताया कि वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह करके हमें जवाब देंगे। वे असल में किससे सलाह ले रहे हैं—अमित शाह से, दिल्ली पुलिस कमिश्नर से, भजनलाल शर्मा से, प्रधानमंत्री मोदी से, या शायद भगवान से ही—मुझे नहीं पता। अब तक उन्होंने न तो हमारे कॉल का जवाब दिया है और न ही कोई प्रतिक्रिया दी है... हम बस यहाँ बैठे इंतज़ार कर रहे हैं।
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत, जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में इस प्रतिनिधिमंडल के साथ शामिल हुए। रितु बराला के साथ कथित मारपीट की यह घटना नई दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान हुई, जहाँ “वोट चोरी” के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। यह घटना राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की बर्बरता के व्यापक आरोपों के बीच सामने आई है।
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