UP विधान परिषद चुनाव से पहले सपा ने लगाया मतदाताओं को धमकाने का आरोप

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समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद सीटों पर मतदान से ठीक पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि 72 जिलों में पुलिस और सत्ता पक्ष द्वारा समर्थकों को वोट डालने से रोका जा रहा है।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीट पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले अपने समर्थक मतदाताओं को धमकाने और मतदान से रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर मामले में तत्काल कार्रवाई करने और मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा भयमुक्त माहौल में कराने की मांग की है। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर यह ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है प्रदेश के कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव समेत 72 जिलों में मतदान के दौरान सपा समर्थक मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी इल्जाम लगाया गया है कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा पदाधिकारियों के इशारे पर पुलिसकर्मी सपा समर्थकों को चिह्नित कर उन्हें मतदान के दिन घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दे रहे हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि समर्थकों को फर्जी मुकदमों में फंसाने और गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।

सपा ने प्रयागराज जिले में मऊआइमा थाना क्षेत्र के मलखानपुर गांव की अंजू यादव और जंघई पुलिस चौकी क्षेत्र के शोरो गांव निवासी रामजी यादव को कथित तौर पर मतदान करने से रोकने के लिए धमकाये जाने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तहत जौनपुर में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा विद्यालयों के प्रबंधकों पर मतदान के दिन घर पर रहने और वोट नहीं डालने का दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने ज्ञापन में संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को तत्काल हटाने की मांग भी की है।

आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में दोहरे नाम दर्ज होने और नामों में त्रुटियों का आरोप लगाते हुए सपा ने कहा कि इससे मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी मतदाता को वोट डालने से न रोका जाए। साथ ही, सपा ने मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का विवरण देने वाला फॉर्म-17सी मतदान एजेंटों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल थे।

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