कृषि कानूनों को वापस लेने के कदम से राष्ट्र विरोधी, अलगाववादी तत्वों की मंशा हुई विफल: एसजेएम

Farmer Protest

आरएसएस से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने अपने बयान में तीन कृषि कानूनों की मंशा को ‘नेक’ बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री के बयान से भी स्पष्ट होता है कि उनकी सरकार आंदोलनरत किसानों को इसके फायदे नहीं समझा पायी।

नयी दिल्ली। आरएसएस से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले के स्वागत करते हुए शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने इस कदम से ‘राष्ट्र विरोधी एवं अलगवावादी तत्वों की बुरी मंशा’ को विफल बना दिया है। आरएसएस से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने अपने बयान में तीन कृषि कानूनों की मंशा को ‘नेक’ बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री के बयान से भी स्पष्ट होता है कि उनकी सरकार आंदोलनरत किसानों को इसके फायदे नहीं समझा पायी। 

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महाजन ने कहा, ‘‘ यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर कई अलगाववादी तत्व आंदोलन में कूद गए और राष्ट्र की अखंडता एवं सुरक्षा को खतरा पैदा किया। ’’ उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत करता है जिससे इस संबंध में विवाद खत्म हो जायेगा। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने के कदम से सरकार ने राष्ट्र विरोधी और अलगवावादी तत्वों की बुरी मंशा को विफल कर दिया है। महाजन ने कहा कि पुराने कानूनों में संशोधन करने की ‘निश्चित’ तौर पर आवश्यक है और नया कानून बनाना समय की आवश्यकता है। 

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उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, नये कानून बनाते समय सभी पक्षकारों को साथ लेना भी जरूरी है। ’’ उन्होंने उम्मीद जतायी कि इन कानूनों को वापस लेने के बाद कृषि विपणन एवं अन्य संस्थागत सुधारों का नया अध्याय शुरू होगा। महाजन ने कहा, ‘‘हम केंद्र सरकार के देश के किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में उठाये गए कदमों की सराहना करते हैं जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने, अधिक कृषि उत्पादों को इसके दायरे में लाना तथा कृषि विपणन के नये आयाम खोलना आदि शामिल है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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