SIR प्रक्रिया पर भड़के Shashi Tharoor, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई

तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बुधवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव पूर्व मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जिनमें से सुनी गई अपीलों में 91 फीसदी गलत पाए गए। थरूर ने इस गड़बड़ी के चलते मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बुधवार को कहा कि किसी को भी किसी व्यक्ति से उसका मतदान का अधिकार छीनने का हक नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में यही किया है। थरूर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए और इनमें से केवल करीब 82,000 लोगों की अपीलों पर सुनवाई हुई। उन्होंने कहा, ‘‘जिन अपीलों पर सुनवाई हुई उनमें 91 प्रतिशत मामलों में पाया गया कि उन लोगों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए थे।
अगर 91 प्रतिशत मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए तो फिर एसआईआर का क्या औचित्य था?’’ थरूर ने सवाल किया, ‘‘फॉर्म-6 को क्यों हटाया गया? फॉर्म-7 बड़े पैमाने पर क्यों दाखिल किए गए? वर्ष 2002 की मतदाता सूची को किस आधार पर बुनियाद बनाया गया?
देश में दशकों से चुनाव होते आ रहे हैं लेकिन पहले कभी ऐसी समस्या सामने नहीं आई।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये सभी समस्याएं निर्वाचन आयोग के कारण पैदा हुई हैं।’’ तिरुवनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र से सांसद थरूर ने कहा कि इसलिए कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है और एसआईआर से जुड़े मामले के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। थरूर ने कहा कि उन्होंने कभी किसी व्यक्ति पर किसी खास उम्मीदवार या पार्टी को वोट देने के लिए दबाव नहीं डाला और कांग्रेस केवल यह चाहती है कि लोगों को अपनी इच्छा के अनुसार मतदान करने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो जाएं तो जनता तय कर सकती है कि किसे जीतना चाहिए।’’
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