Rekha Arya के पति पर गंभीर आरोपों की जांच के लिए Dehradun में SIT गठित

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य द्वारा अपने पति गिरधारी लाल साहू पर हत्या की साजिश और उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस ने विशेष जांच दल बना दिया है। देहरादून की एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में यह जांच मंत्री के अस्पताल से छुट्टी मिलने पर शुरू होगी। दूसरी ओर उनके पति ने भी मंत्री पर 210 करोड़ रुपये की संपत्ति के आरोप लगाए हैं।
उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य द्वारा अपने पति गिरधारी लाल साहू पर जान से मारने की साजिश रचने, जातिसूचक टिप्पणियां करने और अन्य गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एसआईटी का नेतृत्व कर रहीं देहरादून की पुलिस अधीक्षक (देहात) जया बलोनी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मंत्री को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद हम मामले की जांच शुरू कर देंगे।
जांच जल्द से जल्द पूरी की जाएगी।’’ आर्य ने 15 अक्टूबर की शाम को साहू के खिलाफ मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणियां करने, जान से मारने की साजिश रचने, धोखाधड़ी और जालसाजी समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। देहरादून के छावनी थाने में मामला दर्ज कराने के बाद मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर इसकी जानकारी दी थी और दौरान वह भावुक नजर आईं। हालांकि, वीडियो साझा करने के बाद आर्य की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद से वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
आर्य के प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद साहू ने भी शुक्रवार को एक वीडियो साझा कर मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए दावा किया कि आर्य ने 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। साहू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किसी जांच एजेंसी के माध्यम से मामले की जांच कराने की मांग भी की। हालांकि, साहू ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले में विस्तार से जानकारी देंगे। साहू ने मंत्री द्वारा अपने वीडियो के साथ साझा की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार किया गया बताया और दावा किया कि इसे ‘‘परिवार में फूट डालने के इरादे से’’ तैयार किया गया है। साहू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को भी बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और आर्य से मुकदमा वापस लेने को कहा।
उधर, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साहू द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि रेखा आर्य और मुख्यमंत्री, दोनों को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। यहां जारी एक वीडियो बयान में गोदियाल ने कहा कि यदि आर्य प्रताड़ना का शिकार हुई हैं, तो ‘‘उत्तराखंड की बेटी होने के नाते हमें उनसे हमदर्दी है।’’ हालांकि, उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज उनके पति ने 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने और स्कूली बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए आवंटित राशन में हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर रेखा आर्य और मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’ गोदियाल ने कहा कि मंत्री होने के नाते रेखा आर्य को ‘‘बेचारी’’ कहना प्रदेश का अपमान होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर मुख्यमंत्री को लोकलाज के लिए संबंधित मंत्री का इस्तीफा लेकर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी से लेकर रेखा आर्य तक, प्रदेश में महिलाओं की स्थिति को लेकर सरकार को जवाब देना होगा।
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