MPSC Paper Leak Crisis: छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों का आक्रोश, पारदर्शी Exam System और इस्तीफे की मांग

छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं उन हजारों उम्मीदवारों का आत्मविश्वास कम करती हैं जिन्होंने परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत और तैयारी की है, और इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है।
MPSC प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में छात्र MPSC पेपर लीक के विरोध में क्रांति चौक पर जमा हुए। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग करते हुए नारे लगाए। छात्रों ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं उन हजारों उम्मीदवारों का आत्मविश्वास कम करती हैं जिन्होंने परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत और तैयारी की है, और इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है।
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प्रदर्शनकारियों ने सख्त कार्रवाई की मांग की
प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामले के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष और पूरी तरह से जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ़ हो सके कि पेपर लीक के पीछे कौन ज़िम्मेदार है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिस्टम में क्या बदलाव किए जाएंगे।
छात्रों ने सरकार से अपील की है कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाएं और उम्मीदवारों के भविष्य को लेकर स्पष्ट फ़ैसले लें। क्रांति चौक पर बड़ी संख्या में छात्रों के इकट्ठा होने से यह आंदोलन तेज़ हो गया है। प्रदर्शन के दौरान, छात्र लगातार अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे।
MPSC उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और पेपर लीक का आरोप लगाया
MPSC उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और पेपर लीक का आरोप लगाया और हाल ही में हुई भर्ती परीक्षाओं की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शनकारी शहर के क्रांति चौक इलाके में जमा हुए और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के शीर्ष पदों पर "साफ़ छवि" वाले अधिकारियों की तत्काल नियुक्ति की मांग की। सोमवार को पुणे में भी ऐसा ही एक मार्च निकाला गया था।
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