Supreme Court से Rahul Gandhi को राहत, मोदी टिप्पणी मानहानि केस की कार्यवाही पर रोक

शीर्ष अदालत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर 2018 में दिए गए बयान से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद के खिलाफ निचली अदालत की कार्यवाही स्थगित कर दी है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ 2019 में दिए गए एक बयान को लेकर महाराष्ट्र की अधीनस्थ अदालत में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ जारी मानहानि मामले की आगे की कार्यवाही पर मंगलवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता एम.एच. श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मुंबई उच्च न्यायालय के आठ सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत की पीठ ने निर्देश दिया, ‘‘जारी किए गए नोटिस का चार सप्ताह में जवाब दाखिल करें।
अधीनस्थ अदालत के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।’’ उच्च न्यायालय ने आठ सितंबर के अपने आदेश में राहुल गांधी को मानहानि मामले में जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था। रायबरेली से सांसद राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने शीर्ष अदालत के पूर्व के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इस विषय पर कानून पहले से तय और स्थापित है। पीठ ने इस मामले को चार सप्ताह बाद आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गिरगांव मजिस्ट्रेट के 28 अगस्त, 2019 के उस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ दायर श्रीश्रीमल की शिकायत पर आपराधिक प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेट को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए बढ़ाने का निर्देश देने के 2021 के अपने आदेश को जारी रखा ताकि गांधी उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकें। शिकायतकर्ता श्रीश्रीमल ने उच्च न्यायालय में राहुल की याचिका का विरोध करते हुए दावा किया था कि भाजपा का सदस्य होने के नाते वह भी अपने नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से व्यथित हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर यह टिप्पणी की और उनका अपमान किया था। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि राहुल के बयान भाजपा के सभी सदस्यों और प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े सभी भारतीय नागरिकों पर सीधे तौर पर आरोप लगाने के समान थे।
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