महबूबा मुफ्ती ने तालिबान का किया समर्थन, बोलीं- शरिया कानून के तहत चलाए सरकार

महबूबा मुफ्ती ने तालिबान का किया समर्थन, बोलीं- शरिया कानून के तहत चलाए सरकार

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि तालिबान शरिया कानून के तहत सरकार चलाए। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि तालिबान अब हकीकत बन चुका है। शरिया कानून के तहत अब सरकार चलाए।

श्रीनगर। अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार का गठन हो गया है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने तालिबान सरकार का समर्थन किया। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि तालिबान अब हकीकत बन चुका है। शरिया कानून के तहत अब सरकार चलाए।  

इसे भी पढ़ें: अफगानिस्तान के हालात पर पड़ोसी मुल्कों की अहम बैठक, PAK ने कहा- जल्द सामान्य हो जाएगी स्थिति 

उन्होंने कहा कि तालिबान हकीकत बन चुका है। ऐसे में अगर वह अफगानिस्तान पर शासन करना चाहते हैं तो उन्हें वास्तविक शरिया नियमों का पालन करना चाहिए जिसमें महिलाओं के अधिकार शामिल हैं।

महबूबा ने कहा कि अगर वे अमल करेंगे तभी दुनिया उनके साथ कारोबार कर सकती है। अगर उन्होंने(तालिबान) 90 के दशक में शासन का जो तरीका अपनाया था उसे अपनाते हैं तो फिर पूरी दुनिया के लिए ही नहीं खासकर अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी। 

क्या बोले फारुक अब्दुल्ला ? 

इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारुक अब्दुल्ला का भी बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान एक अलग देश है। जो वहां पर आए हैं उन्हें अब उस मुल्क को संभालना है। उम्मीद करूंगा कि वे सभी से इंसाफ करेंगे और इस्लामी उसूल पर अच्छी हूकूमत चलाएंगे। उन्हें हर मुल्क के साथ दोस्ताना ताल्लुक पैदा करने की कोशिश करनी चाहिए। 

इसे भी पढ़ें: तालिबान के शिक्षा मंत्री का बयान सुन चौंक जाएंगे आप, कहा- PhD या मास्टर डिग्री की कोई वैल्यू नहीं 

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान ने नई सरकार का गठन किया है। जिसमें मुल्ला हसन अखुंद को सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया। जबकि मुल्ला बरादर और अब्दुल सलाम हनाफी को उप प्रधानमंत्री का पद मिला। नई सरकार की कैबिनेट में हक्कानी ग्रुप के 4 कमांडरों को भी जगह मिली। हालांकि तालिबान का असल चेहरा भी सामने आ गया। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।