राम की पैड़ी की भव्यता बढ़ाने वाले मंदिरों को मिलेगी प्राचीन झलक

राम की पैड़ी की भव्यता बढ़ाने वाले मंदिरों को मिलेगी प्राचीन झलक

अयोध्या में राम की पैड़ी पर बने जीर्ण क्षीर्ण मंदिरों के फसाड को पुनः बनाने के लिए चुना गुड़ और गुंगल का किया जा रहा प्रयोग। नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अयोध्या में लगातार कुंडों और उसकी वास्तविकता को वापस लाने का काम शुरू हो चुका है।

अयोध्या। अयोध्या की प्राचीनता और उसकी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने के लिये प्रदेश की योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में अयोध्या के पौराणिक स्थल राम की पैड़ी की भव्यता को वापस लाने की पहल शुरू हो चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस कार्य को दीपोत्सव के पहले ही पूरा कर लिया जाएगा ताकि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को त्रेतायुगीन अयोध्या की झलक दिखाई दे। अयोध्या वास्तविक पौराणिकता को वापस लाने उद्देश्य से हो रहे कार्यों के बाबत जानकारी देते हुये नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अयोध्या में लगातार कुंडों और उसकी वास्तविकता को वापस लाने का काम शुरू हो चुका है।

उन्होंने बताया कि इस योजना को लेकिन नेशनल मिशन फ़ॉर टीम गंगा के महानिदेशक को प्रस्तुतिकरण दिया गया था, जिसके बाद उनके द्वारा इस प्रोजेक्ट को सेंक्शन किया गया था। उन्होंने बताया कि चूंकि राम की पैड़ी पहला पौराणिक स्थल है, जहां देश व दुनिया के लोग आते हैं। उन्होंने बताया कि राम की पैड़ी पर जो भी समस्याएं है, उनका समाधान कर उसकी भव्यता को वापस लाया जायेगा। 

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नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया इस कार्य के लिये 1 करोड़ 12 लाख का टेंडर भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि अयोध्या पहुंची नेशनल मिशन फ़ॉर क्लीन गंगा टीम ने लोगों से वार्ता कर राम की पैड़ी पर कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि सौन्द्रीयकरण के लिए हो रहे इस कार्य चूना, गुड़ व गूगल का इस्तेमाल किया जायेगा। उन्होंने बताया कि राम की पैड़ी के बाद शेष अन्य पौराणिक स्थलों के स्वरूप को वापस लाने के लिये कार्य तेज होगा। वहीं दूसरी ओर नेशनल मिशन फ़ॉर क्लीन गंगा टीम की सदस्य मीनाक्षी ने बताया कि राम की पैड़ी की सुंदरता को वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाले लोगों को उनकी प्राचीनता दिखाई दे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा अभी अन्य मंदिरों के लिये ऐसा कुछ प्लान नहीं है लेकिन यदि इसमें सफलता मिली तो जरूर अन्य मंदिरों को बेहतर करने का प्रयास किया जायेगा।





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