पिछली सरकारों ने मासूमों की मौत छिपाने के लिए इंसेफेलाइटिस को अज्ञात बीमारी बताया: योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में एक रेलवे परियोजना के उद्घाटन के दौरान पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले दिमागी बुखार से होने वाली मौतों को छुपाया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने इस बीमारी को पूरी तरह खत्म किया है। सीएम ने इस दौरान 730 करोड़ रुपये की रेल गेज परिवर्तन परियोजना का शुभारंभ भी किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन पर मासूम बच्चों की मौत को छुपाने के लिए ‘इंसेफेलाइटिस’ को अज्ञात बीमारी बताने का आरोप लगाया। योगी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘एक समय था जब यह मौसम इस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों का कहर लेकर आता था। मुझे याद है, जब इंसेफेलाइटिस से मासूम बच्चे अपनी जान गंवा देते थे।

पिछली सरकारें उन मासूमों की मौत को छुपाने के लिए इसे अज्ञात बीमारी करार देती थीं और गुमराह करती थीं।’’ मुख्यमंत्री नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के उद्घाटन में शामिल होने के लिए बहराइच आये थे। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में जब डबल इंजन सरकार आई तो हमने नजरें नहीं फेरीं, हमने किसी को गुमराह नहीं किया। हमने घोषणा की कि कोई भी बीमारी अनजान नहीं रह सकती।

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हमने कहा कि हम बीमारी का पता लगाएंगे और इसे पूरी तरह से खत्म कर देंगे। आपने देखा है कि कैसे उत्तर प्रदेश में माफिया के खात्मे के साथ-साथ इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी भी हमेशा के लिए खत्म हो गई है। अब किसी भी पिता को चिंता नहीं होती कि इंसेफेलाइटिस और दिमागी बुखार उसके बच्चे की जान ले लेगा।

यह मौसम अब किसी के लिए चिंता नहीं लेकर आता है।’’ योगी ने यह भी कहा कि इस नए भारत में ‘‘ हम रैपिड रेल, अमृत भारत, नमो भारत और वंदे भारत जैसी नई रेल सेवाओं को एक नए, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के दृष्टिकोण को पूरा करते हुए देख रहे हैं।’’ उन्होंने कहा,‘‘ जब रास्ते बड़े होते हैं, तो बाज़ार भी बड़े हो जाते हैं। हमारे लिए अवसर भी बढ़ते हैं। और जब अवसर विशाल होते हैं, तो हमारे संकल्पों को साकार होने में देर नहीं लगती है।’’ योगी ने कहा कि बहराइच कभी एक ऐसा केंद्र हुआ करता था जहां से भारत का शासन चलता था, लेकिन यह स्वतंत्रता के बाद भी विकास से वंचित रहा।

उन्होंने कहा कि एक हजार साल पहले महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच में ही सालार मसूद को हराया था और भारत को विदेशी आक्रांताओं से मुक्त किया था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद महाराज सुहेलदेव को दशकों तक भुलाकर रखा गया। सालार मसूद के नाम पर उर्स और मेले आयोजित किए जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा, “लेकिन आज यहां किसी विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं होता है।

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इसके बजाय, महाराजा सुहेलदेव का एक विशाल स्मारक पूरा किया गया है।” योगी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, डुमरियागंज से लोकसभा सदस्य जगदंबिका पाल, बहराइच से लोकसभा सदस्य डाक्टर आनंद कुमार गोंड और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। इस 56.15 किलोमीटर खंड को करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है और इसका विद्युतीकरण किया गया है। इसके अलावा, चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं का नेपालगंज रोड तक विस्तार भी किया गया।

यह कार्यक्रम नेपाल में हाल में आई बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि के साथ प्रारंभ हुआ और सभी ने दो मिनट का मौन रखा। मुख्यमंत्री ने कहा, “आजादी के बाद कई जगहों पर रेल लाइनों को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया। शताब्दी सहित कई नई ट्रेन चलाई गईं।

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फिर भी यह खंड मीटर गेज बना रहा जो उन सरकारों की संकीर्ण मानसिकता का संकेत है जो इसे महज एक सीमावर्ती क्षेत्र समझती थीं और इसे पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया।” योगी ने कहा, “उन सरकारों के लिए यह अंतिम क्षेत्र हो सकता है, लेकिन हमारे लिए यह रुपैडिया-बहराइच-नानपारा क्षेत्र भारत का गेटवे रहा है। इस क्षेत्र के लोग दशकों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन इस सपने को आज साकार किया गया।” मुख्यमंत्री ने कहा, “यह लाइन भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगी।

यह संपर्क न केवल सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के लिए, बल्कि इस संपूर्ण क्षेत्र की समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि यह कतर्नियाघाट तक पहुंच सुगम बनाएगा और साथ ही अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों को भी जोड़ने में मदद करेगा।

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