Dr Manmohan Singh Birth Anniversary: विरोधी भी थे मनमोहन सिंह के सरल स्वभाव के कायल, बिना चुनाव लड़े बने थे PM

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता डॉ. मनमोहन सिंह का 26 सितंबर को जन्म हुआ था। प्रधानमंत्री से पहले मनमोहन सिंह देश के वित्त मंत्री भी रहे हैं। उनको भारत में बड़े आर्थिक सुधार का जनक भी कहा जाता है।
आज ही के दिन यानी की 26 सितंबर को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म हुआ था। वह साल 2004 से लेकर 2014 तक लगातार 10 साल देश के प्रधानमंत्री रहे। प्रधानमंत्री से पहले मनमोहन सिंह देश के वित्त मंत्री भी रहे हैं। उनको भारत में बड़े आर्थिक सुधार का जनक भी कहा जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर मनमोहन सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और शिक्षा
अविभाजित भारत के पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 26 सितंबर 1932 को मनमोहन सिंह का जन्म हुआ था। मनमोहन सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय और ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की थी। साल 1962 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डी. फिल भी किया था।
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शांत स्वभाव के लिए थे फेमस
डॉ मनमोहन सिंह अपने सरल और शांत स्वभाव के लिए भी जाने जाते थे। यही कारण है कि उनकी पार्टी के विरोधी भी उनका सम्मान करते थे। वह भले ही शांत और कम बोलते थे, लेकिन उनका वह किस्सा आज भी लोग याद करते हैं, जब संसद में भाजपा नेत्री सुषमा स्वराज और मनमोहन सिंह के बीच शेरो-शायरी हुई थी। दोनों नेताओं ने शेरो-शायरी के जरिए एक-दूसरे को संसद में जवाब दिया था।
आरबीआई के गवर्नर
पूर्व पीएम राजीव गांधी की सरकार में मनमोहन सिंह साल 1985 से लेकर 1987 तक भारतीय योजना आयोग के प्रमुख के पद पर। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के साथ काम किया। इसके साथ ही वह साल 1982 से लेकर 1985 तक आरबीआई के गवर्नर भी रहे। इस दौरान मनमोहन सिंह ने बैंकिंग के क्षेत्र में कई अहम सुधार किए।
फिर साल 1987 से लेकर 1990 तक उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण आयोग के महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। साल 1991 में वह असम से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए। साल 1995, 2001, 2007 और 2013 में मनमोहन सिंह उच्च सदन के सदस्य रहे। जब साल 1998 से लेकर 2004 तक केंद्र में वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी, तो इस दौरान मनमोहन सिंह राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे।
PM बनने का रिकॉर्ड
साल 1999 में मनमोहन सिंह ने दक्षिणी दिल्ली से चुनाव लड़ा, लेकिन उनको हार का सामना करना बड़ा। कांग्रेस ने साल 2009 का लोकसभा चुनाव मनमोहन सिंह के नेतृत्व में लड़ा था, लेकिन इस बार वह चुनावी मैदान में नहीं उतरे थे। राज्यसभा सदस्य रहते हुए उनका पीएम बनने का रिकॉर्ड आज भी मनमोहन सिंह के नाम दर्ज है।
आर्थिक सुधारों में महत्वपूर्ण रोल
देश में हुए आर्थिक सुधारों में डॉ. मनमोहन सिंह ने अहम रोल निभाया था। साल 1991 में नरसिम्हा राव की सरकार में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री रहे थे। उन्होंने बजट के दौरान वैश्विकरण, निजीकरण और उदारीकरण से जुड़े कई बड़े और अहम ऐलान किए थे। जिससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिली थी।
सम्मान
साल 1987 में मनमोहन सिंह को भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
साल 1993 में मनमोहन सिंह को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री के लिए एशिया मनी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
साल 1995 में उनको जवाहरलाल नेहरू बर्थ सेंटेनरी अवॉर्ड ऑफ द इंडियन साइंस कांग्रेस से नवाजा गया।
साल 1956 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का एडम स्मिथ पुरस्कार दिया गया।
मृत्यु
भारत के पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर 2024 में 92 साल की उम्र में निधन हो गया था।
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