यूपी में क्या है भाजपा की चुनावी तैयारी, कितना रहेगा ओवैसी फैक्टर, केजरीवाल का मुफ्त वाला दांव

यूपी में क्या है भाजपा की चुनावी तैयारी, कितना रहेगा ओवैसी फैक्टर, केजरीवाल का मुफ्त वाला दांव

उत्तर प्रदेश में असद्दुदीन ओवैसी कितना भी प्रयास कर लें लेकिन मुस्लिम वोट एकमुश्त होकर समाजवादी पार्टी के खाते में जा रहा है इस स्थिति में अगर कोई और वर्ग समाजवादी पार्टी से जरा भी प्रभावित होकर उसके साथ चला गया तो मुश्किल हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। ऐसे में भाजपा अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने की कोशिश में जुट गई है। भाजपा के चुनावी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने हाल में ही राज्य का दौरा किया था और कई बैठक भी की थी। इसी को लेकर हमने प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में चर्चा की। इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। उत्तर प्रदेश में भाजपा की रणनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर नीरज दुबे ने कहा कि पार्टी अन्य पार्टियों की तुलना में लगातार चुनावी मूड में रहती है। यही कारण है कि सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से अभी से ही चुनाव को लेकर लगातार बैठक हो रही है। 

नीरज दुबे ने माना कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ केंद्रीय चुनाव प्रभारियों और सह-प्रभारियों की तीन दिवसीय बैठक में एक चीज उभर कर आई है कि प्रदेश की सुधरी कानून व्यवस्था को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया जायेगा क्योंकि भाजपा का आंतरिक सर्वे इस बात की पुष्टि करता है कि लोगों ने प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर योगी सरकार को सर्वाधिक अंक दिये हैं। भाजपा का सर्वे यह भी बताता है कि उसे बसपा और कांग्रेस से किसी प्रकार का खतरा नहीं है लेकिन समाजवादी पार्टी पहले की अपेक्षा बहुत मजबूत हुई है।

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नीरज दुबे ने यह भी कहा कि सूत्रों के मुताबिक यह सर्वे यह भी बताता है कि उत्तर प्रदेश में असद्दुदीन ओवैसी कितना भी प्रयास कर लें लेकिन मुस्लिम वोट एकमुश्त होकर समाजवादी पार्टी के खाते में जा रहा है इस स्थिति में अगर कोई और वर्ग समाजवादी पार्टी से जरा भी प्रभावित होकर उसके साथ चला गया तो मुश्किल हो सकती है। इसलिए आने वाले समय में सभी वर्गों को लुभाने के भाजपा के प्रयास और तेज होंगे और योगी सरकार की उपलब्धियों को ज्यादा जोरशोर से प्रचारित भी किया जायेगा। इसके अलावा संगठन स्तर पर निगरानी के लिए अन्य राज्यों के वरिष्ठ भाजपा नेताओं की टीमों को भी उत्तर प्रदेश में जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। 

हमने केजरीवाल की मुफ्त पॉलिटिक्स पर भी चर्चा की। इस सवाल के जवाब में नीरज दुबे ने कहा कि केजरीवाल की जो नीति दिल्ली में है वही वह अन्य राज्यों में चुनावी फायदे के लिए अपना रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि आप गोवा और उत्तराखंड में तो बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान कर रहे हैं पर आपने दिल्ली में अब तक कितनो को दिया है। इसके साथ ही हमने पंजाब में कांग्रेस के भीतर मची उठापटक को लेकर भी चर्चा की। साथ ही साथ नीरज दुबे ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर अमरिंदर सिंह के बयान पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जाहिर सी बात है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अनुभवहीन करार दिया है तो इसका कोई ना कोई कारण हाल के घटनाक्रम जरूर रहे होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब तो जी23 की जगह जी-24 हो गया है क्योंकि उसमें अमरिंदर सिंह जुड़ गए हैं। कांग्रेस को अपनी रणनीति पर काम करने की आवश्यकता है। 

उत्तर प्रदेश में भाजपा, निषाद पार्टी मिलकर लड़ेंगे विधानसभा का चुनाव: धर्मेंद्र प्रधान

उत्‍तर प्रदेश में अगले वर्ष के शुरु में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) मिलकर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह तथा प्रदेश सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की मौजूदगी में इस गठबंधन की औपचारिक घोषणा की गई। धर्मेंद्र प्रधान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावहम (भाजपा-निषाद) साथ मिलकर लड़ेंगे और आज दोनों दलों के नेताओं ने इसकी औपचारिक घोषणा की है।हमारे गठबंधन में अपना दल (सोनेलाल) भी जुड़ा है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले डॉक्टर संजय निषाद ने भाजपा से खुद को उप मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव मैदान में उतारने की मांग करते हुए दावा किया था कि राज्य में निषाद (मछुआरा) समाज के 18 प्रतिशत वोट हैं और 160 सीटों पर उनकी बिरादरी के मतदाताओं की निर्णायक भूमिका है। 

2022 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के लिए अलग-अलग समय पर भाजपा से कोई न कोई शर्त रखने वाले डॉक्टर निषाद ने पत्रकार वार्ता में किसी सवाल का जवाब नहीं दिया और वह भाजपा नेताओं के बयान पर सहमति में सिर हिलाते रहे। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी ने डॉक्टर अय्यूब के नेतृत्व वाली पीस पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। तब निषाद पार्टी ने 72 सीटों पर चुनाव लड़ा जिसमें भदोही जिले के ज्ञानपुर में पार्टी उम्मीदवार विजय मिश्रा को जीत मिली और निषाद को उन सीटों पर 3.58 प्रतिशत मत मिले थे जहां उसने उम्मीदवार उतारे थे। पीस पार्टी ने 68 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 1.56 प्रतिशत मत मिले। राजनीतिक दल बनने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जातीय आधार पर अपना प्रभाव रखने वाली निषाद पार्टी का चुनाव मैदान में आने का वह पहला तर्जुबा था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे से रिक्त हुई गोरखपुर संसदीय सीट पर 2018 में हुए उपचुनाव में संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के साथ तालमेल किया और सपा ने उनके बेटे प्रवीण निषाद को गोरखपुर से उम्मीदवार बनाया। यह उपचुनाव प्रवीण जीत गये। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में संजय निषाद ने सपा से नाता तोड़कर भाजपा से गठजोड़ कर लिया। प्रवीण निषाद को इस बार भाजपा ने संत कबीर नगर से उम्मीदवार बनाया और वह चुनाव जीतकर दोबारा लोकसभा में पहुंच गये।

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उधर, भाजपा आम चुनाव में गोरखपुर सीट भी जीत गई। विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा, यह पूछे जाने पर प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। हाल में हुए संजय निषाद के एक स्टिंग ऑपरेशन पर पूछे सवाल के जवाब में प्रधान ने कहा उसके बाद भी हम मिल रहे हैं। एक टीवी चैनल द्वारा किये गये स्टिंग ऑपरेशन में संजय निषाद ने टिकट बेचने और चुनाव में हिंसा कराने का दावा किया था। हालांकि बाद में उन्होंने इससे इनकार करते हुए इसे साजिश करार दिया था। निषाद को दी जाने वाली सीटों के बारे में प्रधान ने कहा कि सही समय पर निर्णय होगा। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने के बावजूद भाजपा द्वारा जातीय क्षत्रपों को साधने के सवाल पर प्रधान ने कहा कि 2022 के चुनाव में भाजपा अन्य समाज के लोगों को भी गहराई के साथ जोड़ने में सफल होगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा किसानों की असली हितैषी है और किसानों की आय दोगुनी करने को वचनबद्ध है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा ‘ निषाद पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव हमने साथ लड़ा था और विधानसभा चुनाव में भी हम मिलकर कमल खिलाएंगे।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी भाजपा: शर्मा

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने उच्च जातियों, विशेष तौर पर ब्राह्मणों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से दूर होने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री को लेकर कोई विवाद नहीं है और केंद्रीय नेतृत्व ने तय कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के चेहरे के साथ भाजपा विधानसभा चुनाव में उतरेगी। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक रहे उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री के मसले पर कहा कि यह एक सुलझा हुआ मसला है क्योंकि केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा दोबारा सरकार बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। राज्य में भाजपा के ब्राह्मण चेहरे डॉक्टर शर्मा ने उन अटकलों को खारिज किया कि उच्च जातियां, विशेष रूप से ब्राह्मण भाजपा से दूर जा रहे हैं जिन्हें बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत अन्य लोग लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जाति और पंथ के चश्‍में से कोई चेहरा नहीं देखा बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। 

चुनावी राज्यों में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करने वाले केजरीवाल ने दिल्ली में कितनों को दिया

उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मणिपुर छोड़ बाकी राज्यों में अपनी पार्टी की ओर से वादों की बौछार कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने उत्तराखंड और गोवा में बेरोजगारी भत्ता भी देने का वायदा किया है। अपने ऐलान में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि काम की तलाश में भटक रहे बेरोजगार लोगों को नौकरी नहीं मिलने तक ₹3000 का मासिक भत्ता सरकार आने के बाद दिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में भाजपा ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा का दावा

भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दावा किया कि केजरीवाल  के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में पिछले 7 साल के शासन के दौरान सिर्फ 400 युवाओं को ही बेरोजगारी भत्ता दिया है। गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल अब बेराजगारी भत्ते का वादा कर रहे हैं, जब उनकी पार्टी पंजाब, उत्तराखंड और गोवा विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दिल्ली में ऐसा क्यों नहीं किया, जहां 14 लाख पंजीकृत बेरोजगार युवा हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड और गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है। 

गोवा में केजरीवाल का दांव

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आगामी गोवा विधानसभा चुनाव में जीतकर सत्ता में आने पर उनकी पार्टी निजी क्षेत्र सहित 80 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करेगी। उन्होंने खनन और पर्यटन उद्योगों के समान्य होने तक इन क्षेत्रों पर निर्भर परिवारों को 5,000 रुपये मासिक पारिश्रमिक देने का भी आश्वासन दिया। केजरीवाल ने कहा कि गोवा में प्रत्येक परिवार के कम से कम एक बेरोजगार व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी और बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलने तक 3,000 रुपये मासिक भत्ता मिलेगा। 

उत्तराखंड में भी ऐलान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पलायन प्रदेश बन चुके उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद हर बेरोजगार को रोजगार दिया जाएगा तथा रोजगार मिलने तक हर परिवार के एक युवा को 5000 रू महीना दिया जाएगा। नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने प्रदेश में बेरोजगारों के लिए छह बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर बेरोजगार युवा के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और जब तक रोजगार नहीं मिलता, तब तक हर परिवार के एक युवा को 5000 रू महीना बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्र की नौ​करियों में से 80 फीसदी उत्तराखंड के बेरोजगारों के लिए आरक्षित रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के छह माह के भीतर एक लाख सरकारी नौकरियां तैयार की जाएंगी। 

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राहुल, प्रियंका अनुभवहीन, विधानसभा चुनाव में सिद्धू के खिलाफ उम्मीदवार उतारूंगा: अमरिंदर

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा को ‘अनुभवहीन’ करार दिया और कहा कि पंजाब इकाई के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ आगामी विधानसभा चुनाव में वह मजबूत उम्मीदवार उतारेंगे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की पंजाब इकाई में गुटबाजी और आंतरिक कलह की वजह से हाल में अमरिंदर सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अमरिंदर सिंह ने अपने कई साक्षात्कारों में कहा कि प्रियंका और राहुल मेरे बच्चों की तरह हैं। इसका पटाक्षेप ऐसा नहीं होना चाहिए था। मैं व्यथित हूं। उन्होंने एक बयान में कहा कि मैं विधायकों को विमान से गोवा या अन्य स्थान पर नहीं ले गया। इस तरह से मैं काम नहीं करता। मैं तिकड़मबाजी नहीं करता और गांधी सहोदर जानते हैं कि यह मेरा तरीका नहीं है। अमरिंदर सिंह ने जोर देकर कहा, ‘‘गांधी बच्चे’’ काफी हद तक ‘‘अनुभवहीन’’ हैं और उनके सलाहकार साफ तौर पर उन्हें ‘‘बहका’ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सिद्धू को मुख्यमंत्री पद पर पहुंचने से रोकने के लिए पूरी ताकत से कोशिश करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसे ‘खतरनाक व्यक्ति’ से देश को बचाने के लिए कोई भी बलिदान देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) अध्यक्ष (सिद्धू) की हार सुनिश्चित करने के लिए वह मजबूत उम्मीदवार खड़ा करेंगे। 

आशा है कि राहुल, प्रियंका को ‘अनुभवहीन’ बताने वाले बयान पर पुनर्विचार करेंगे अमरिंदर: कांग्रेस

कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह अपने उस कथित बयान पर पुनर्विचार करेंगे जिसमें उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा को ‘अनुभवहीन’ बताया था। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह भी कहा कि अमरिंदर सिंह का बयान उनके कद के मुताबिक नहीं है, लेकिन वह कांग्रेस के बड़े नेता हैं और संभव है कि उन्होंने कोई बात गुस्से में कह दी होगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वह शायद मेरे पिता जी की उम्र के होंगे। बुजुर्गों को गुस्सा आता है और बहुत ज्यादा गुस्सा आता है और वह कई बार गुस्से में बहुत सारी बातें कह देते हैं। उनके गुस्से, उनकी उम्र, उनके तजुर्बे का हम सम्मान करते हैं और मुझे लगता है कि वह जरुर इस पर पुनर्विचार करेंगे। साथ ही सुप्रिया ने जोर देकर कहा कि राजनीति में गुस्सा, ईर्ष्या, द्वेष, व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी और उनसे बदला लेने की भावना की कोई जगह नहीं है। हम आशा करते हैं कि वह अपनी कही हुई बातों पर अपनी ही समझदारी दिखाते हुए जरूर पुनर्विचार करेंगे, क्योंकि वह कांग्रेस पार्टी के एक मजबूत योद्धा रहे हैं।

- अंकित सिंह





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