Hockey India में संन्यास की अटकलें खारिज, Jarmanpreet Singh की नजर Los Angeles Olympics पर

indain hockey
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

भारतीय डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह ने संन्यास की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में खेलना है। वह लगातार सुधार कर टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में योगदान देना चाहते हैं। वहीं, कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी सीनियर खिलाड़ियों के बाहर होने और संन्यास की चर्चाओं को महज अफवाह बताया है।

( हॉकी इंडिया ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के बाद जिन चार सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने की योजना बनाई है उनमें जरमनप्रीत सिंह भी शामिल हैं लेकिन इस डिफेंडर का अभी संन्यास लेने का मूड नहीं है और उनकी नज़रें 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों पर टिकी हैं। हॉकी इंडिया के सूत्रों ने इस महीने की शुरुआत में पीटीआई को बताया था कि जरमनप्रीत, मनदीप सिंह, अमित रोहिदास और नीलकांत शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में भारत के लिए अपना अंतिम टूर्नामेंट खेलेंगे। भारत ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। 

अमृतसर के रहने वाले 30 वर्षीय जरमनप्रीत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। मैं टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना हमारी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह हमारे लिए शानदार अवसर है और हम लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।’’ जरमनप्रीत ने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट के बाद हम ओलंपिक के लिए अपनी तैयारी शुरू करेंगे। मैं चाहता हूं कि टीम वहां अच्छा प्रदर्शन करे और स्वर्ण पदक जीते।’’ 

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए इसे ‘अफवाह’ करार दिया। हरमनप्रीत ने सोमवार को टूर्नामेंट पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह सही खबर है और हमने टीम में इस बारे में कोई चर्चा नहीं की। मुझे लगता है कि यह महज अफवाह है।’’ जारमनप्रीत ने अब तक 171 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के एक प्रमुख सदस्य थे। वह 2022 और 2026 में एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे।

 अर्जुन पुरस्कार विजेता का मानना ​​है कि उन्होंने एक डिफेंडर के रूप में अपने खेल में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने रक्षात्मक कौशल को बेहतर बनाने, अच्छे अवसर पैदा करने और टीम की जीत में योगदान देने की कोशिश की है। मैं एक डिफेंडर के रूप में अपने खेल में लगातार सुधार करने की कोशिश करता रहूंगा।’’

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़