IOA Athletes Commission: पीवी सिंधू और मीराबाई चानू समेत 10 खिलाड़ी निर्विरोध चुने गए

भारतीय ओलंपिक संघ के एथलीट आयोग में 10 सदस्यों को चार साल के कार्यकाल के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। सुधा सिंह और किदांबी श्रीकांत के हटने के बाद 10 सीटों के लिए केवल 10 उम्मीदवार ही शेष रह गए थे। आयोग में पांच पुरुष और पांच महिला खिलाड़ियों को प्रतिनिधित्व मिला है।
नयी दिल्ली, तीन नवंबर ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और मीराबाई चानू सहित 10 खिलाड़ियों को मंगलवार को निर्विरोध भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के एथलीट आयोग का सदस्य चुन लिया गया। पूर्व ट्रैक एवं फील्ड एथलीट सुधा सिंह के सोमवार देर रात चुनावी दौड़ से हटने के बाद मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि 10 सीट के लिए केवल 10 उम्मीदवार ही रह गए थे। निर्वाचन अधिकारी संजय के श्रीवास्तव ने मंगलवार को पांच पुरुष और पांच महिला सहित सभी 10 उम्मीदवारों को 2026-2030 तक चार साल के कार्यकाल के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया।
इससे पहले सोमवार को स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने भी अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। एथलीट आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों पर एक पुरुष और एक महिला को चुना जाएगा। इन पदों पर निर्वाचित होने वाले चार में से दो पदाधिकारी आईओए की कार्यकारी परिषद के सदस्य बनेंगे।
इसके अलावा एथलीट आयोग के दो सदस्य (एक पुरुष और एक महिला) मतदान के अधिकार के साथ आईओए की आम सभा के सदस्य बनेंगे। ये दोनों प्रतिनिधि पांच दिसंबर को होने वाले आईओए कार्यकारी परिषद के चुनाव में एथलीट आयोग की ओर से हिस्सा लेंगे। एथलीट आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ-साथ आईओए की आम सभा के दो प्रतिनिधियों का चुनाव बाद में कराया जाएगा।
सिंधू, चानू और भवानी इससे पहले शीर्ष मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम की अध्यक्षता वाले निवर्तमान एथलीट आयोग की भी सदस्य थीं। हरमनप्रीत, साजन और तूर उन तीन पुरुष खिलाड़ियों के रूप में निर्विरोध चुने गए जिन्होंने पिछले तीन ओलंपिक खेलों में से कम से कम एक में हिस्सा लिया है। इसी तरह सिंधू, चानू और बोम्बाल्या उन तीन महिला खिलाड़ियों के रूप में निर्विरोध चुनी गईं जिन्होंने पिछले तीन ओलंपिक खेलों में से कम से कम एक में भाग लिया है।
मनजीत और कुसाले उन दो पुरुष उम्मीदवारों में शामिल थे जिन्होंने पिछले तीन एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व चैंपियनशिप या विश्व कप या राष्ट्रीय खेलों में से किसी एक में कम से कम एक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की श्रेणी में नामांकन दाखिल किया था। वहीं, सलीमा और भवानी इस श्रेणी में नामांकन दाखिल करने वाली एकमात्र दो महिला उम्मीदवार थीं। आईओए के चुनाव नियमों के अनुसार 10 सदस्यीय एथलीट आयोग में कम से कम चार ऐसे खिलाड़ी (दो पुरुष और दो महिलाएं) होने चाहिए जिन्होंने पिछले तीन एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व चैंपियनशिप या विश्व कप या राष्ट्रीय खेलों में से किसी एक में कम से कम एक पदक जीता हो।
आयोग के बचे हुए छह सदस्यों में तीन पुरुष और तीन महिलाएं होनी चाहिए जिन्होंने पिछले तीन ओलंपिक खेलों में से कम से कम एक में हिस्सा लिया हो। निर्वाचन अधिकारी ने 16 अक्टूबर को निर्वाचक मंडल के 34 सदस्यों की सूची जारी की थी। इसमें 17 राष्ट्रीय खेल महासंघों के दो-दो प्रतिनिधि शामिल थे।
हालांकि मंगलवार को इन 34 खिलाड़ी प्रतिनिधियों को अपना वोट डालने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि एथलीट आयोग के सभी 10 सदस्य निर्विरोध चुन लिए गए। निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘‘मौजूदा परिस्थितियों में पांच पुरुष और पांच महिला सदस्यों सहित 10 सदस्यीय एथलीट आयोग के लिए तीन नवंबर 2026 को निर्धारित चुनाव कराने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि आयोग के प्रत्येक पद के लिए केवल एक-एक उम्मीदवार मैदान में है। ’’ आईओए एथलीट आयोग के निर्विरोध निर्वाचित सदस्य: पीवी सिंधू (बैडमिंटन), मीराबाई चानू (भारोत्तोलन), हरमनप्रीत सिंह (हॉकी), सलीमा टेटे (हॉकी), स्वप्निल कुसाले (निशानेबाजी), भवानी देवी (तलवारबाजी), तेजिंदरपाल सिंह तूर (एथलेटिक्स), बोम्बाल्या देवी (तीरंदाजी), साजन प्रकाश (तैराकी) और मंजीत सिंह (कयाकिंग एवं कैनोइंग)।
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