चेन्नई ओपन: Vaishnavi Adkar ने Jodie Burrage को हराकर दर्ज की करियर की पहली WTA जीत

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पुणे की 21 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी वैष्णवी अदकर ने चेन्नई ओपन में ब्रिटेन की जोडी बुराज को कड़े मुकाबले में 3-6, 6-3, 7-5 से मात दी। निर्णायक सेट में 3-5 से पिछड़ने के बावजूद उन्होंने लगातार चार गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। मैच के दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद पूर्व भारतीय युगल स्टार रोहन बोपन्ना लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे।

चेन्नई, तीन नवंबर भारतीय खिलाड़ी वैष्णवी अदकर ने उमस भरी गर्मी से जूझने के बावजूद शानदार जुझारूपन दिखाते हुए मंगलवार को यहां चेन्नई ओपन में ब्रिटेन की जोडी बुराज को 3-6, 6-3, 7-5 से हराकर अपने करियर की पहली डब्ल्यूटीए टूर स्तर की जीत दर्ज की। पुणे की 21 वर्षीय खिलाड़ी ने हार की कगार पर पहुंचने के बाद वापसी की। उन्होंने निर्णायक सेट में 3-5 से पिछड़ने के बाद लगातार चार गेम जीतकर मुकाबले का रुख पलट दिया।

अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर लगातार प्रगति कर रहीं वैष्णवी को अनुभवी बुराज के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। बुराज दुनिया की शीर्ष 100 खिलाड़ियों में शामिल रह चुकी हैं और कई बार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ में खेल चुकी हैं। वैष्णवी ने पहला सेट गंवा दिया।

हालांकि दूसरे सेट में उन्होंने बेहतर रिटर्न और बेसलाइन से अधिक निरंतरता के साथ खेलते हुए वापसी की और मुकाबला बराबर कर दिया। उन्होंने दूसरे सेट में बुराज की सर्विस दो बार तोड़ी जबकि अपनी सर्विस एक बार गंवाई। दोनों खिलाड़ियों के बीच इस दौरान सर्विस बरकरार रखने के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला।

निर्णायक सेट में शुरुआती ब्रेक हासिल कर वैष्णवी ने बढ़त बना ली थी, लेकिन अनुभवी ब्रिटिश खिलाड़ी ने वापसी करते हुए 5-3 की बढ़त हासिल कर ली और जीत से केवल एक गेम दूर रह गईं। लेकिन वैष्णवी ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार चार गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इस दौरान उन्होंने बुराज की सर्विस दो बार तोड़ी और आखिरी गेम में बिना कोई अंक गंवाए अपनी सर्विस बचाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। खिलाड़ियों के बॉक्स में भारत के पूर्व स्टार युगल खिलाड़ी रोहन बोपन्ना भी बैठे थे और लगातार वैष्णवी का उत्साह बढ़ा रहे थे। बोपन्ना उस अकादमी में कोचिंग देते हैं जहां वैष्णवी अभ्यास करती हैं।

बोपन्ना को वैष्णवी से यह कहते हुए सुना गया, ‘‘उसे हर गेंद खेलने पर मजबूर करो, लगे रहो, लगातार दबाव बनाए रखो। ’’ दो घंटे से अधिक समय तक उमस भरे मौसम में खेलने के कारण दोनों खिलाड़ियों पर शारीरिक थकान साफ दिखाई देने लगी थी।

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