सलाम तालिबान गीत गा रहीं पाक महिलाएं, PoK में आतंकी नाच-गाकर मना रहे Taliban की जीत का जश्न

सलाम तालिबान गीत गा रहीं पाक महिलाएं, PoK में आतंकी नाच-गाकर मना रहे Taliban की जीत का जश्न

तालिबान ने अफगानिस्तान पर जो जीत हासिल की है यह उसके अकेले की नहीं है क्योंकि इसमें पाकिस्तानी आतंकवादियों ने उनका भरपूर साथ दिया। अब जब पाकिस्तानी आतंकवादी काम खत्म होने के बाद पाकिस्तान लौट रहे हैं तो उनका स्वागत किया जा रहा है।

अफगानिस्तान में जिस तरह तालिबान ने कहर ढाया हुआ है उसको देखते हुए वहां रह रहे विदेशी ही नहीं बल्कि अफगानी लोग भी जल्द से जल्द देश छोड़ कर भाग जाना चाहते हैं। अफगानी महिलाएं तो किसी भी तरह से अफगानिस्तान से निकल लेना चाहती हैं क्योंकि तालिबान ने उनका जीना वहां अभी से दूभर कर दिया है। एक ओर अफगानी महिलाओं के आंसू थम नहीं रहे हैं और पूरी दुनिया उनके भविष्य को लेकर चिंतित है तो जरा पाकिस्तान में देखिये क्या हो रहा है। पाकिस्तानी महिलाएं तालिबानियों की तारीफ में सलाम तालिबान नामक गीत गा रही हैं। यह वीडियो देखकर आपको भी लगेगा कि इन पाकिस्तानी महिलाओं को अफगानी महिलाओं पर हो रहे जुल्म से कोई लेना-देना नहीं है।

इसे भी पढ़ें: अफगानिस्तान के हालात देखकर समझ आ गया होगा कि मोदी ने CAA लाकर कितना सही फैसला किया था

पाकिस्तान में आतंकी जश्न मना रहे

दूसरी ओर तालिबान ने अफगानिस्तान पर यह जो जीत हासिल की है यह उसके अकेले की नहीं है क्योंकि इसमें पाकिस्तानी आतंकवादियों ने उनका भरपूर साथ दिया। अब जब अफगानिस्तान तालिबान के कब्जे में आ चुका है तो पाकिस्तानी आतंकवादी अपना काम खत्म होने के बाद पाकिस्तान लौट रहे हैं और उनका विजेता की तरह स्वागत किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहे हैं उनमें दिख रहा है कि कैसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हवा में गोलियां चलाकर जश्न मना रहे हैं और कार रैली निकाल रहे हैं। जश्न का ऐसा ही एक वीडियो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का बताया जा रहा है जहां जैश और लश्कर की संयुक्त रैली के बाद तालिबान नेता मुल्ला बरादर और आईएसआई प्रमुख फैज हमीद ने एक साथ नमाज भी पढ़ी। देखिये जरा इस तस्वीर को गौर से आपको पाकिस्तानी सरकार का असल चेहरा नजर आ जायेगा जो कह रही है कि हमारा तालिबान से कोई संबंध नहीं है।

महिलाओं पर तालिबानी अत्याचार शुरू

जहां तक बात अफगानी महिलाओं पर शुरू हो चुके अत्याचार की है तो पूर्व अफगान जज और महिला अधिकारों के लिए काम करने वालीं कार्यकर्ता नजला अयूबी ने तालिबान की पोल खोल दी है। जो तालिबान महिलाओं को सरकार में भागीदारी और उनके अधिकारों को प्रदान करने की बात कह रहा है वह कैसे महिलाओं पर अत्याचार कर रहा है इसकी पूरी कहानी नजला अयूबी ने एक विदेशी मीडिया संस्थान से बातचीत करते हुए सुनाई है। नजला अयूबी ने बताया है कि तालिबान ने खाने का स्वाद खराब लगने पर एक महिला को हाल में जिंदा जला दिया। यही नहीं नजला अयूबी ने बताया कि तालिबान ताबूत में लड़कियों को बंद कर उनको पड़ोसी देशों में भेजने लग गया है जहां उन्हें सेक्स स्लेव के रूप में इस्तेमाल किया जायेगा। यही नहीं नजला अयूबी ने यह भी बताया कि कई परिवार अपनी बेटियों की शादी तालिबान लड़ाकों से करवाने भी लग गये हैं क्योंकि उनके सिरों पर बंदूक तान दी गयी है।

इसे भी पढ़ें: अफगानियों को अपने यहाँ शरण देने से क्यों कतरा रहे हैं दुनिया के इस्लामिक देश ?

तालिबान को पैसे देगा चीन

तो एक तरफ पाकिस्तान में तालिबान की जीत का जश्न है तो दूसरी तरफ तालिबान की पैसों की तंगी दूर करने के लिए तानाशाह चीन सामने आया है। चीन ने संकेत दिया है कि वह तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान को वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद काबुल को विभिन्न देशों द्वारा वित्तीय मदद रोके जाने के बीच चीन ने कहा है कि वह युद्धग्रस्त देश की मदद करने में ‘सकारात्मक भूमिका’ निभाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए अफगान संकट के लिए अमेरिका को ‘‘मुख्य गुनहगार’’ भी बताया है।

-नीरज कुमार दुबे