National Voters Day 2026: आपका एक Vote लिखेगा India का भविष्य, National Voters Day पर जानें अपने मताधिकार की ताकत

हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरुक करता है। साथ ही लोगों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करता है। साल 1950 में इसी दिन भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था।
हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरुक करता है। साथ ही लोगों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करता है। साल 1950 में इसी दिन भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था। 25 जनवरी की तारीख भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में बहुत अहम मानी जाती है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम के बारे में...
थीम
बता दें कि इस साल भारत अपना 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहा है। इस बार की थीम 'मेरा भारत, मेरा वोट' रखी गई है। यह थीम बताती बताती है कि हर एक नागरिक का वोट बेहद महत्वपूर्ण है और लोगों को लोकतंत्र के प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
महत्व
यह दिन खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को, चुनाव में भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को यह समझाना है कि वोट देना नागरिकों का बुनियादी अधिकार है और लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। इस दिन चुनाव आयोग को सम्मान दिया जाता है, जो देश में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने में अहम भूमिका निभाता है। पहली बार साल 2011 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह के समय राष्ट्रीय मतदान दिवस मनाया गया था।
मतदान क्यों है जरूरी
भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां पर नागरिकों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है। मतदान करने से लोगों को ऐसे प्रतिनिध चुनने का मौका देता है, जो जनसुविधाओं को बेहतर बनाएं, विकास कार्य करें और समाज की समस्याओं का समाधान करें। यह दिन याद दिलाता है कि हर एक वोट की अहमियत होती है और यह वोट देश का भविष्य तय करने में अहम भूमिका बनाता है।
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