मैं नए चलन गढ़ने में विश्वास रखता हूं...पुराने में नहीं- जॉन अब्राहम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 26, 2019   11:38
मैं नए चलन गढ़ने में विश्वास रखता हूं...पुराने में नहीं- जॉन अब्राहम

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं कभी चलन पर ध्यान नहीं देता क्योंकि जैसे ही लोग उसे देखते है...उसका पालन करना शुरू करते हैं...वह चलन से बाहर हो जाता है। मैं वह करता हूं, जिसमें मुझे विश्वास है।

नयी दिल्ली। भारतीय रक्षा इतिहास के सुनहरे पलों पर आधारित फिल्म ‘आरएडब्ल्यू (रॉमिया, अकबर, वॉल्टर) में नजर आने वाले अभिनेता जॉन अब्राहम का कहना है कि सिर्फ पैसे कमाने के लिए किसी पुरानी लीक पर चलना उन्हें पसंद है। मॉडल से अभिनेता बने 46 वर्षीय जॉन पहले भी ‘मद्रास कैफे‘, ‘परमाणु‘ जैसी लीक से हटकर फिल्में कर चुके हैं। एकबार फिर अलग विषय की ‘रॉ’ करने वाले अभिनेता ने कहा कि उन्होंने तथ्यों को सदा कल्पना से अधिक दिलचस्प पाया है। जॉन ने लंदन से फोन पर ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि कई बार जब चीजों का नाटकीयकरण नहीं किया जाता तो भी तथ्यों की बदौलत फिल्म काफी मनोरंजक बन सकती है। वे कल्पना से अधिक मनोरंजक होते हैं।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘ मैं कभी चलन पर ध्यान नहीं देता क्योंकि जैसे ही लोग उसे देखते है...उसका पालन करना शुरू करते हैं...वह चलन से बाहर हो जाता है। मैं वह करता हूं, जिसमें मुझे विश्वास है।

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एक ऐसा दौर था जब दक्षिण भारतीय फिल्मों के रिमेक बनाने का चलन था...और कभी कॉमेडी...कभी वास्तवीक विषयों पर आधारित फिल्म या देश पर आधारित फिल्में ...’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरी बात है, मैं चलन के साथ अवसरवादी नहीं बन सकता, बल्कि मैं वह करता हूं जिसपर मुझे विश्वास है। मुझे देश पर विश्वास है, देश की प्रणाली पर विश्वास है।’’ ‘रॉ (आरएडब्ल्यू) : रॉमिया, अकबर, वॉल्टर’ पांच अप्रैल को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।

देखें फिल्म रॉ से जुड़े जॉन अब्राहम के खास ट्वीट-





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