Finance Checklist 2026: 31 मार्च की डेडलाइन से पहले टैक्स बचाने की जल्दी में न करें ये गलतियां, एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

Finance Checklist 2026
CANVA PRO
एकता । Mar 6 2026 3:49PM

वित्तीय वर्ष के अंत में टैक्स प्लानिंग करते समय वेतनभोगी कर्मचारी समय पर प्रूफ जमा करें और फ्रीलांसर खर्चों का हिसाब रखें, क्योंकि सही टैक्स रिजीम का चुनाव और फाइनेंशियल हाइजीन अपनाना जरूरी है।

मार्च का महीना आते ही हर तरफ से टैक्स बचाने की सलाह और निवेश के कॉल्स आने लगते हैं। अक्सर लोग प्लानिंग की कमी के कारण आखिरी वक्त पर जल्दबाजी में गलत फैसले ले लेते हैं। असल में, फाइनेंशियल ईयर के अंत का मतलब सिर्फ टैक्स बचाना नहीं है, बल्कि यह पूरे साल के अपने खर्चों और कमाई का हिसाब देखने का समय है। इस समय की गई छोटी सी लापरवाही अगले साल बड़ी समस्या बन सकती है।

सबसे जरूरी कदम है सही टैक्स रिजीम का चुनाव करना

कोई भी निवेश करने से पहले यह साफ कर लें कि आप पुराना या नया टैक्स रिजीम कौन सा चुनने वाले हैं। ज्यादातर गलतियां यहीं होती हैं। अगर आप नया टैक्स सिस्टम चुनते हैं, तो आप धारा 80C या 80D जैसी छूट का फायदा नहीं उठा पाएंगे। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी पसंद तय कर लें। हालांकि, टैक्स बचे या न बचे, भविष्य के लिए निवेश जारी रखना हमेशा फायदेमंद रहता है।

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सैलरी वालों और फ्रीलांसरों के लिए जरूरी बातें

सैलरी पाने वालों के लिए 31 मार्च से ज्यादा जरूरी उनके ऑफिस की डेडलाइन होती है। अगर आप समय पर प्रूफ जमा नहीं करते, तो आपका ज्यादा टैक्स कट सकता है, जिससे हाथ में आने वाली सैलरी कम हो जाएगी। वहीं, फ्रीलांसरों को अपने खर्चों की रसीदें और इनवॉइस तैयार रखने चाहिए। ऑफिस के काम और निजी खर्चों को अलग-अलग ट्रैक करना जरूरी है ताकि जुलाई में रिटर्न भरते समय कोई उलझन न हो।

बैंक ब्याज और TDS के झटके से बचाव

अगर आपके पास कई FD या RD हैं, तो उन पर मिलने वाला ब्याज चुपचाप बढ़ता रहता है। एक तय सीमा से ज्यादा ब्याज होने पर बैंक खुद ही TDS काट लेते हैं। मार्च खत्म होने से पहले एक बार अंदाजा लगा लें कि आपको कुल कितना ब्याज मिल रहा है। पैन कार्ड अपडेट रखें और अगर जरूरत हो तो टैक्स छूट के फॉर्म समय पर जमा करें, ताकि बैंक बेवजह टैक्स न काटे।

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टैक्स हैक नहीं, फाइनेंशियल हाइजीन अपनाएं

टैक्स बचाने के चक्कर में ऐसी चीजें न खरीदें जिनकी आपको जरूरत नहीं है। उदाहरण के लिए, अगर आपको हेल्थ इंश्योरेंस चाहिए, तो उसका प्रीमियम देना आपकी जरूरत है, सिर्फ 'टैक्स बचाने का तरीका' नहीं। साथ ही, साल खत्म होने से पहले अपने बैंक खातों, डीमैट और इंश्योरेंस में 'नॉमिनी' का नाम जरूर अपडेट करें। सबसे पहले ऊंचे ब्याज वाले कर्ज चुकाएं और एक इमरजेंसी फंड बनाकर रखें।

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