Nagasaki Day: US ने जब Nagasaki पर गिराया 'Fat Man' परमाणु बम, जिसने बदल दिया World History का पूरा चेहरा

09 अगस्त 1945 को नागासाकी में परमाणु हमला कर इस शहर को भी तबाह कर दिया था। आज इस घटना को 80 साल से अधिक का समय हो गया, लेकिन इस नरसंहार को इतिहास में भुलाया नहीं जा सकता है।
सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान जपाना ने तबाही का वह भयावह मंजर देखा था, जिसके निशान आज भी मौजूद हैं। अमेरिका ने 06 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा में परमाणु बम गिराया था। वहीं ठीक तीन दिन बाद 09 अगस्त 1945 को नागासाकी में परमाणु हमला कर इस शहर को भी तबाह कर दिया था। आज इस घटना को 80 साल से अधिक का समय हो गया, लेकिन इस नरसंहार को इतिहास में भुलाया नहीं जा सकता है।
सेकेंड वर्ल्ड वॉर में जापान लगातार हमले कर रहा था। उस दौरान भी वह शक्तिशाली देश माना जाता था। वहीं साल 1939 में शुरू हुए सेकेंड वर्ल्ड वॉर को 6 साल हो चुके थे, लेकिन जंग रुकने का नाम नहीं ले रही थी। ऐसे में 06 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा और 09 अगस्त 1945 नागासाकी में परमाणु बम गिराकर जापान को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया था।
फैटमैन ने मचाई तबाही
नागासाकी में में गिराए गए परमाणु बम का नाम फैट-मैन था। 09 अगस्त की सुबह 11 बजे के आसपास नागासाकी में परमाणु विस्फोट हुआ। इसका असर ऐसा था कि वहां के लोगों को यह तक सोचने का समय नहीं मिला कि आखिर हुआ क्या है। सभी लोग मौत की चपेट में आ गए। पहाड़ों से घिरे होने के कारण नागासाकी में करीब 6.7 वर्ग किमी के इलाके में तबाही का मंजर देखने को मिला। इस घटना में कम से कम 75 हजार लोगों की मौत हो गई थी।
अमेरिका ने नहीं मांगी माफी
परमाणु बम का असर ऐसा दिखा कि कई सालों तक जापान के इस शहर में रहने वाले लोग जलन, विकिरण बीमारी और अन्य घावों की वजह से मरते रहे। इस हमले से हिरोशिमा में कुल 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
इस तबाही के मंजर को देखते हुए जापान ने परमाणु शक्ति के शांतिपूर्ण इस्तेमाल और कभी भी परमाणु बम न बनाने का फैसला लिया। हालांकि जापान के दो शहरों को तबाह करने के बाद अमेरिका ने इसके लिए कभी माफी नहीं मांगी।
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