तेल एवं गैस खोज के लिये लाइसेंसिंग व्यवस्था के तहत 51 बोलियां प्राप्त

51 oil & gas exploration bids received under Open Acreage Licensing policy
संबंधित क्षेत्र के लिये रुचि पत्र आने के बाद उसे प्रतिस्पर्धी बोली के लिये रखा जाता है और जो कोई भी कंपनी सरकार को तेल एवं गैस में अधिकतम हिस्सेदारी की पेशकश करेगी, उसे वह ब्लाक आबंटित करेगी।

नयी दिल्ली। देश में तेल एवं गैस खोज की खुले क्षेत्र लाइसेंसिंग व्यवस्था के तहत पहली नीलामी में करीब 60,000 वर्ग किलोमीटर के लिये 51 प्रस्ताव मिले हैं। तेल खोज एवं उत्पाद नियामक डीजीएच ने यह जानकारी दी।भारत ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता में कमी लाने को लेकर तेल एवं गैस खोज एवं उत्पादन को लेकर जुलाई में 28 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के अवसादी बेसिन को खोला है। खुला क्षेत्र लाइसेंस नीति (ओपन एक्रेज लाइसेंसिंग-ओएएल) कंपनियों को तेल एवं गैस खोज एवं उत्पादन के लिये भूकंप संबंधी आंकड़े के अध्ययन के बाद ब्लाक या क्षेत्र के चयन की अनुमति देती है। हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने कहा कि इस नीति को उद्योग की तरफ से काफी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।

ओएएल ने सरकार की उस पुरानी व्यवस्था का स्थान लिया है जिसमें सरकार क्षेत्रों को छांटती थी और फिर उसकी नीलामी करती थी। नई नीति निवेशक को अपनी सुविधा के मुताबिक खुद क्षेत्र छांटने और रुचि पत्र देने की अनुमति प्रदान करती है। संबंधित क्षेत्र के लिये रुचि पत्र आने के बाद उसे प्रतिस्पर्धी बोली के लिये रखा जाता है और जो कोई भी कंपनी सरकार को तेल एवं गैस में अधिकतम हिस्सेदारी की पेशकश करेगी, उसे वह ब्लाक आबंटित करेगी। डीजीएच ने एक पोस्ट में ओएएल के लिये इस सप्ताह मुंबई में बैठकों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘‘अब तक 51 रुचि पत्र आमंत्रित किये गये हैं।

यह करीब 60,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिये है।’ ’इसमें कहा गया है कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान 26 अक्तूबर को बैठकों की अगुवाई करेंगे। यह क्षेत्र में नई नीति सुधार के बारे में चर्चा को लेकर मंच उपलब्ध कराएगा।डीजीएच ने कहा कि वह खोज एवं उत्पादन कंपनियों, तेल एवं गैस सेवा प्रदाताओं, वित्तीय संस्थानों और निजी इक्विटी कंपनियों के प्रमुखों के साथ बातचीत भी करेंगे ताकि क्षेत्र पर वित्तीय एवं संबद्ध समुदाय के समग्र विचारों को जाना जा सके।ओएएल के तहत पहले चक्र की बोली में रुचि पत्र जमा करने की अंतिम तारीख 15 नवंबर है और सफल बोलीदाताओं की घोषणा एक जनवरी को की जाएगी।

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