Adani की JAL डील का बड़ा असर, अब Greater Noida के Buddh Circuit में फिर शुरू होगी Formula-1 रेस

करण अदाणी के अनुसार, अदाणी समूह बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के अधिग्रहण के बाद भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी के लिए प्रयासरत है। समूह कर्ज में डूबी जेपी एसोसिएट्स को खरीदने की दौड़ में है, जिसके पास सर्किट का नियंत्रण है और इस आयोजन से देश के बुनियादी ढांचे को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
अदाणी समूह ग्रेटर नोएडा में स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला-1 मोटर स्पोर्ट को फिर से शुरू करने की रणनीति पर काम कर रहा है। समूह की कंपनी अदाणी सीमेंट के निदेशक करण अदाणी ने शनिवार को यह जानकारी दी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में इस फॉर्मूला-1 सर्किट का दौरा कर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों के साथ बातचीत की।
अदाणी ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के 70वें स्थापना दिवस समारोह में कहा, “मैं बहुत उत्साहित हूं कि बुद्ध सर्किट (होने वाले) सौदे का हिस्सा है। मैं भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी के लिए निजी तौर पर प्रयासरत हूं। भारत में इसकी बड़ी संभावनाएं हैं और यहां पर लोग इसे काफी पसंद करते हैं।” अदाणी समूह इस समय कर्ज में डूबी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण की दौड़ में शामिल है। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का नियंत्रण जेएएल के ही पास है। नवंबर, 2025 में अदाणी समूह ने जेएएल के अधिग्रहण के लिए 14,535 करोड़ रुपये के प्रस्ताव के साथ बहुसंख्यक ऋणदाताओं का समर्थन हासिल किया था।
अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के भी प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने कहा कि वह वर्ष 2000 से ही इस खेल से जुड़े हुए हैं और उनका मानना है कि भारत फॉर्मूला-1 जैसे वैश्विक आयोजन के लिए मानक स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा, “भारत और भारतीयों की प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भारत फॉर्मूला-1 का शानदार आयोजन कर सकता है।”
अदाणी ने कहा कि ऐसे खेल आयोजनों से देश के बुनियादी ढांचे, आतिथ्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि फॉर्मूला वन इंडियन ग्रां प्री रेस का आयोजन बुद्ध सर्किट पर वर्ष 2011, 2012 और 2013 में हुआ था। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के साथ कर विवाद होने के बाद इसका आयोजन रोक दिया गया था।
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