अल्फाबेट ने रचा इतिहास: AI और Cloud के दम पर Google की पेरेंट कंपनी को $112.1 Billion का रिकॉर्ड लाभ

गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने एआई-आधारित सेवाओं और क्लाउड कंप्यूटिंग के विस्तार के माध्यम से वैश्विक कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा शुद्ध लाभ दर्ज कर अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत की है। सुंदर पिचाई की एआई-केंद्रित रणनीति ने वित्तीय आंकड़ों को नई ऊंचाई दी है, हालांकि उच्च परिचालन लागतों के कारण निवेशकों की सतर्कता और शेयरों में आई गिरावट भविष्य की चुनौतियों को रेखांकित करती है।
दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने इस बार ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने वैश्विक कारोबारी जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों में 112.1 अरब डॉलर का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह दुनिया की किसी भी कंपनी द्वारा एक तिमाही में दर्ज किया गया अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा माना जा रहा है।
बता दें कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कंपनी का लाभ लगभग चार गुना बढ़ा है। वहीं कंपनी की कुल आय भी 24 प्रतिशत बढ़कर 119.8 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग और क्लाउड कारोबार में तेज विस्तार ने इस उपलब्धि में अहम योगदान दिया है।
गौरतलब है कि अल्फाबेट के क्लाउड कारोबार में सालाना आधार पर 82 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही कंपनी को अपने रणनीतिक निवेशों से भी बड़ा लाभ मिला है। कंपनी ने वित्तीय विवरण में बताया कि उसे अन्य आय के रूप में 99 अरब डॉलर प्राप्त हुए, जिसमें निवेश से हुए वास्तविक और संभावित लाभ शामिल हैं। करों के बाद इन निवेशों से करीब 77.1 अरब डॉलर का फायदा कंपनी के शुद्ध लाभ में जुड़ा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अल्फाबेट ने वर्ष 2023 में एआई क्षेत्र की कंपनी एंथ्रोपिक में 30 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। समय के साथ इस निवेश का मूल्य काफी बढ़ गया है। इसके अलावा एलन मस्क की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी स्पेसएक्स में कंपनी की हिस्सेदारी के मूल्य में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे अल्फाबेट को बड़ा वित्तीय लाभ मिला है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने कहा कि एआई को लेकर अपनाई गई कंपनी की व्यापक रणनीति अब वास्तविक और मापने योग्य कारोबारी परिणाम दे रही है। उनके अनुसार, यही वजह है कि कंपनी लगातार नए अवसरों का लाभ उठा रही है और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
हालांकि रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद निवेशकों की कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। एआई से जुड़ी आधारभूत संरचना पर बढ़ते खर्च और इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बाजार सतर्क बना हुआ है। यही कारण रहा कि तिमाही नतीजे घोषित होने के बाद कारोबार के अतिरिक्त सत्र में कंपनी के शेयरों में करीब तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
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