• किसी भी नकदी राहत से दूरसंचार कंपनियों की सेहत में काफी सुधार होगा: विश्लेषक

डेलॉयट इंडिया के एक वरिष्ठ विश्लेषक ने बुधवार को यह बात कही। दूरसंचार विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक पैकेज को मंजूरी दी है।

नयी दिल्ली। दूरसंचार क्षेत्र को तत्काल किसी भी तरह की नकदी प्रवाह राहत से क्षेत्र की वित्तीय सेहत में काफी सुधार होगा और इससे 5जी नीलामी का रास्ता भी साफ होगा। डेलॉयट इंडिया के एक वरिष्ठ विश्लेषक ने बुधवार को यह बात कही। दूरसंचार विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक पैकेज को मंजूरी दी है। पैकेज का मकसद वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों को राहत देना है, जिन्हें पिछले सांविधिक बकाया के रूप में हजारों करोड़ का भुगतान करना है। जिन उपायों को मंजूरी दी गई है, उनका सटीक विवरण तुरंत पता नहीं चल सका है।

इसे भी पढ़ें: पंजशीर में तालिबान का खूनी खेल जारी, 20 नागरिकों की बर्बरता से की गई हत्या, संचार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित राहत उपायों में बकाया चुकाने में मेहलत देना, एजीआर को फिर से परिभाषित करना और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क में कटौती शामिल हैं, जिसके जरिए इस बीमारू क्षेत्र में सुधार किए जा सकते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव जल्द ही मीडिया को जानकारी देंगे। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर और दूरसंचार क्षेत्र के विशेषज्ञ पीयूष वैश ने पीटीआई-को बताया, ‘‘दूरसंचार क्षेत्र को तत्काल किसी भी तरह की नकदी प्रवाह राहत से क्षेत्र की वित्तीय सेहत में काफी सुधार होगा और इससे 5जी नीलामी का रास्ता भी साफ होगा।