Taxpayers ध्यान दें! ITR जमा करने से पहले AIS और Form 26AS का मिलान क्यों है जरूरी? समझें पूरा गणित

आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट का विश्लेषण करना डेटा सटीकता सुनिश्चित करने और रिफंड में देरी से बचने के लिए अनिवार्य है। यह दस्तावेज बैंक लेनदेन और निवेश जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय डेटा को समेकित करता है जिससे टैक्स नोटिस की संभावना कम होती है। ITR फाइलिंग AIS गाइड और वित्तीय पारदर्शिता मुख्य कीवर्ड हैं।
जब भी टैक्सपेयर्स अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जमा करें, तो सबसे पहले एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) को जरुरी रुप से रिव्यू करना चाहिए। कई बार लोग सोचते हैं कि जो जानकारी फॉर्म-16 में है, बस वही काफी है। हालांकि, ऐसा नहीं है, आपकी एक छोटी सी गलती या डाटा मिसमैच होने के कारण आपका रिफंड अटक सकता है। बता दें कि, विभाग की स्क्रूटनी शुरु हो चुकी है।
क्या होता है AIS और यह कैसे अपडेट होता है?
आपको बता दें कि, एनुअल इंफॉर्मेश स्टेटमेंट आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध एक ऐसा दस्तावेज है, जो किसी एक वित्त वर्ष के दौरान आपके पैन कार्ड से संबंधित बड़े वित्तीय लेनदेन को दिखाता है।
- यह आपके बैंक, नियोक्ता, म्यूचुअल फंड कंपनियां, स्टॉक ब्रोकर्स, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार और अन्य वित्तीय संस्थान आपके द्वारा किए गए लेनदेन की जानकारी डायरेक्ट टैक्स डिपार्टमेंट को भेजता है।
- असल में यह स्टेटमेंट पूरे साल अपडेट रहता है। जैसे ही विभिन्न संस्थाएं आपकी टीडीएस/टीसीएस रिटर्न, एसएफटी स्टेटमेंट्स और टैक्स पेमेंट फाइल्स प्रोसेस करती हैं, यह पोर्टल पर दिखने लगता है।
कैसे चेक करें AIS?
यदि आप रिटर्न खुद फिल कर रहे हैं या किसी सीए से भरवा रहे हैं, तो इन स्टेप्स को जरुर फॉलो करें और अपना AIS तुरंत चेक करें और डाउनलोड कर लें-
- इसके लिए आप आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। अगर आप नए यूजर है, तो खुद को रजिस्टर करें, वरना पैन कार्ड और पासवर्ड की मदद से लॉगिन कर सकते हैं।
- जब लॉगिन हो जाए, तो डैशबोर्ड पर नजर आएगा AIS विकल्प या सर्विसेज टैब के भीतर जाकर इस पर क्लिक करें।
- इसके बाद आपको स्क्रीन पर दो मुख्य टाइल्स दिखेंगी- AIS और TIS
- ड्रॉप-डाउन मेन्यू से संबंधित वित्त वर्ष का चयन करें और जानकारी देखने के लिए AIS वाले टाइल पर क्लिक करें।
इसके बाद अगले पेज पर आपकी जानकारी दो हिस्सों में नजर आएगी
सामान्य जानकारी:
- इसमें आपके नाम, पैन, आधार विवरण, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पता शामिल होता है।
वित्तीय जानकारी
यह महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो 5 श्रेणियों में होता है:
-टीडीएस/टीसीएस
-बड़े वित्तीय लेनदेन
-आपके द्वारा टैक्स भुगतान
-टैक्स डिमांड, पुराना रिफंड
-अन्य वित्तीय जानकारी
एक बार रिटर्न दाखिल करने से पहले AIS और अपने फॉर्म 26AS या फॉर्म-16 के आंकड़ों का मिलान जरुर कर लें... यदि आपको लगता है कि AIS में कोई ट्रांजैक्शन गलत दर्ज है या किसी दूसरे ट्राजैक्शन आपके पैन पर दिखा रहा है, तो आप पोर्टल पर ही ऑनलाइन फीडबैक सबमिट कर सकते हैं, जिससे टीआईएस में आपकी वैल्यू अपने आप सही हो जाएगी और आपते भविष्य के किसी भी अनचाहे टैक्स नोटिस से पूरी तरह सेफ रहेंगे।
जानें सही तारीख
मेन बोर्ड/एसएमई आईपीओ लिस्टिंग
21 जुलाई: अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड (126 करोड़ रुपये), मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (160 करोड़ रुपये)
घोषणा / वित्तीय परिणाम
-20 जुलाई: इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, अल्ट्राटेक सीमेंट, वन 97 कम्युनिकेशन, रैलिस इंडिया, डीपी आभूषण
-21 जुलाई: अदानी एनर्जी, टीवीएस मोटर, इंडियन होटल्स, अदानी टोटल
-22 जुलाई: अदानी पावर, इटरनल
-24 जुलाई: मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विस पीएमआई, बैंक लोन ग्रोथ
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