बैंकों की 2 दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से कामकाज पर असर, जानिए क्यों कर रहे Strike

Banking services in Maharashtra

सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों की नौ यूनियनों के यूएफबीयू ने बैंकों के निजीकरण के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। बैंक यूनियनों के हड़ताल के आह्वान को देखते हुये सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंक ने पहले ही अपने ग्राहकों को इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम जैसे डिजिटल चैनल अपनाने के बारे में सूचना दी है।

मुंबई। बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सोमवार को बैंकों के कामकाज पर हड़ताल का असर दिखा।राज्य में बैंकों के 40 हजार के करीब अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। सरकारी बैंकों के निजीकरण के सरकार के फैसले के खिलाफ बैंक यूनियनों ने 15- 16 मार्च को दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2021 को पेश बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव किया है।सरकार ने विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुये यह घोषणा की है।

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सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों की नौ यूनियनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने बैंकों के निजीकरण के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूएफबीयू के महाराष्ट्र संयोजक देविदास तुल्जापुरकर ने एक वक्तव्य में कहा कि राज्य में 40 हजार के करीब बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में भाग ले रहे हैं।राज्य में बैंकों की करीब दस हजार शाखायें हैं। बैंक यूनियनों के हड़ताल के आह्वान को देखते हुये सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंक ने पहले ही अपने ग्राहकों को इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम जैसे डिजिटल चैनल अपनाने के बारे में सूचना दी है।

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