Bharti Airtel को लगा बड़ा झटका, इस वजह से हुआ ब्लैकलिस्ट

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 29, 2020   12:25
Bharti Airtel को लगा बड़ा झटका, इस वजह से हुआ ब्लैकलिस्ट

वाणिज्य मंत्रालय ने भारती एयरटेल को एक निर्यात संवर्द्धन योजना के तहत निर्यात दायित्वों का पूरी तरह पालन नहीं करने को लेकर काली सूची में डाल दिया है।एयरटेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एयरटेल ने अप्रैल 2018 के बाद से इस तरह का (निर्यात का) कोई लाइसेंस नहीं लिया है, क्योंकि उसके परिचालन में इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।

नयी दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय ने भारती एयरटेल को एक निर्यात संवर्द्धन योजना के तहत निर्यात दायित्वों का पूरी तरह पालन नहीं करने को लेकर काली सूची में डाल दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कहा है, पूंजीगत सामानों की निर्यात संवर्द्धन (ईपीसीजी) योजना के तहत कुछ अधिकार दिये गये जिनमें निर्यात दायित्वों का पालन नहीं किया गया। इसे देखते हुये कंपनी को प्रवेश निषेध सूची में डाल दिया गया। इस सूची को काली सूची के तौर पर भी जाना जाता है। 

इसे भी पढ़ें: दूरसंचार विभाग ने पावरग्रिड से मांगे 22,000 करोड़, कंपनी ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

सरकार की इस पहल के बाद कंपनी डीजीएफटी से कोई भी निर्यात लाभ अथवा लाइसेंस प्राप्त नहीं कर सकती है। हालांकि, एयरटेल से जुड़े सूत्रों ने बताया, ‘‘ एयरटेल ने अप्रैल 2018 के बाद से इस तरह का (निर्यात का) कोई लाइसेंस नहीं लिया है, क्योंकि उसके परिचालन में इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।

इसे भी पढ़ें: क्यूआईपी के तहत 445 रुपये के मूल्य पर 32.35 करोड़ शेयर आवंटित करेगी Airtel

बल्कि कंपनी पहले ही इस तरह के पुराने सभी लाइसेंस निरस्त करने का आवेदन कर चुकी है और उसे सरकार से इसकी अनुमति मिलने का इंतजार है। इस संबंध में कंपनी को भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं मिल सका है। पूंजीगत सामान निर्यात संवर्धन याजना एक निर्यात प्रोत्साहन योजना है जिसके तहत वस्तुओं के निर्यात के लिये पूंजीगत सामानों का निशुल्क आयात करने की अनुमति है। योजना के तहत आयातकों को बचाये गये आयात शुल्क के मुकाबले छह गुणा तक निर्यात दायित्व पूरा करना होता है। 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।