कंपनियों ने अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में शांति का किया स्वागत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 12, 2019   15:34
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कंपनियों ने अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में शांति का किया स्वागत

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार में चीन की अधिशेष की स्थिति और प्रौद्योगिकी को लेकर बढ़ती महत्वकांक्षा से वैश्विक व्यापार में समस्या पैदा हुई है। अर्थशास्त्रियों ने चेताया है कि दोनों देशों के बीच अंतिम समझौता होने में बातचीत में वर्षों लग सकते हैं।

बीजिंग। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध में शांति को उनके बीच चल रहे 15 माह पुराने शुल्क युद्ध के समाधान की दिशा में एक संभावित कदम बताते हुये कंपनियों ने उसका स्वागत किया है। हालांकि, अर्थशास्त्रियों ने इसको लेकर सावधान किया है कि इसमें प्रौद्योगिकी जैसे मूल विवादित मुद्दों सहित वैश्विक वृद्धि के लिये जोखिम बने विभिन्न मुद्दों के समाधान की दिशा में बहुत कम प्रगति दिखाई देती है। अमेरिका की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, चीन के 250 अरब डालर के आयात होने वाले माल पर मंगलवार से प्रस्तावित शुल्क वृद्धि को निलंबित रखेगा। ट्रंप ने कहा कि इसके बदले में चीन ने अमेरिका से 50 अरब डालर के कृषि उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। अन्य संभावित समझौते के बारे में ब्योरा तुरंत उपलब्ध नहीं हो पाया। 

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अमेरिका और चीन के बीच व्यापार में चीन की अधिशेष की स्थिति और प्रौद्योगिकी को लेकर बढ़ती महत्वकांक्षा से वैश्विक व्यापार में समस्या पैदा हुई है। अर्थशास्त्रियों ने चेताया है कि दोनों देशों के बीच अंतिम समझौता होने में बातचीत में वर्षों लग सकते हैं। इन सब मुद्दों के बावजूद बातचीत के प्रत्येक दौर से पहले वित्तीय बाजारों में वृद्धि देखने को मिलती है और जब उसमें कोई प्रगति नहीं होती है तो ये वापस गिर जाते हैं। कंपनियों ने दोनों देशों के बीच शुक्रवार को हुये समझौते को एक सामान्य कदम बताया है और दोनों देशों की सरकारों से अपील की है कि वह आपसी लड़ाई को कम करने के लिये प्रयास तेज करें। उनकी इस लड़ाई से विनिर्माण और किसानों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। 

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हालांकि, अमेरिका अभी भी 15 दिसंबर से 160 अरब डालर के स्मार्टफोन और अन्य आयातों पर शुल्क वृद्धि की योजना बना रहा है।  इससे पहले, ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग नवंबर मध्य में चिले में एक आर्थिक सम्मेलन में मिलने वाले हैं। उनकी आमने सामने होने वाली इस मुलाकात से किसी प्रगति की उम्मीद बंधती है।  ट्रंप ने कहा कि शुक्रवार के समझौते को अभी कागजों में उतारा जाना है लेकिन कहा, ‘‘हम इसे अगले चार सप्ताह के दौरान करने में सक्षम होंगे।’’ उधर चीन की सरकार ने इस व्यापक प्रगति का स्वागत किया है लेकिन संभावित समझौते के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया।





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कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:11
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कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी

कोरोना वायरस के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी।कोरोना वायरस महामारी के चलते फैक्टरी और दुकानों के बंद रहने से चीन की अर्थव्यवस्था में 2020 की पहली तिमाही के दौरान 6.8 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।

बीजिंग। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि इस दौरान अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे देश महामारी से परेशान थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि इससे पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 4.9 प्रतिशत था। कोरोना वायरस महामारी के चलते फैक्टरी और दुकानों के बंद रहने से चीन की अर्थव्यवस्था में 2020 की पहली तिमाही के दौरान 6.8 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।

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इसके बाद अगली तिमाही में चीन ने 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। हालांकि, यह पिछले एक दशक में चीन द्वारा हासिल की गई सबसे कम वृद्धि है, लेकिन अमेरिका और दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले अधिक है। इन देशों ने अभी 2020 के लिए वृद्धि के आंकड़े घोषित नहीं किए हैं, लेकिन इस दौरान उनकी अर्थव्यवस्थाओं में संकुचन निश्चित है।





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लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:39
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लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

मुंबई। मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच इंफोसिस, एचडीएफसी और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों के टूटने से प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 200 अंकों से अधिक की गिरावट हुई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 203.52 या 0.42 प्रतिशत गिरकर 48,831.15 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह व्यापक एनएसई निफ्टी 70.60 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 14,363.10 था। सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

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पिछले सत्र में सेंसेक्स 549.49 अंक या 1.11 प्रतिशत लुढ़ककर 49,034.67 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 161.90 अंक या 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,433.70 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुक्रवार को सकल आधार पर 971.06 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एशियाई बाजारों में शंघाई और हांगकांग में तेजी थी, जबकि सियोल और टोक्यो लाल रंग में थे। इस बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54.59 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।





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एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:10
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एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई।

नयी दिल्ली। सड़क परिवहन मंत्रालय ने रविवार को कहा कि गत आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में रिकार्ड 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने पिछले आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कर एक रिकार्ड कायम किया है। बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने अप्रैल 2020 से लेकर 15 जनवरी 2021 की अवधि में 8,169 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया।इस लिहाज से प्रतिदिन 28.16 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। वहीं पिछले साल इसी अवधि में 7,573 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया।तब प्रतिदिन 26.11 किलोमीटर सड़क निर्माण हुआ। मंत्रालय को उम्मीद है कि निर्माण की इस गति के साथ वह 31 मार्च 2021 तक 11 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण के लक्ष्य को पार कर लेगा। 

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सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई। मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2019- 20 में कुल मिलाकर 8,948 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं के निर्माण का ठेका दिया गया जबकि 10,237 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो माह में कोरोना वायरस महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बावजूद सड़क निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय गति हासिल की गई है।





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