CSMIA Terminal 1 अक्टूबर से होगा बंद, Navi Mumbai Airport पर शिफ्ट होंगी उड़ानें

Mumbai Airport
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Oct 2 2026 10:07PM

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल 1 अक्टूबर के अंत तक बंद हो जाएगा। इसके बाद उड़ानों को टर्मिनल 2 और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शिफ्ट किया जाएगा। वहीं 15 जनवरी 2027 से टर्मिनल 1 के उत्तरी हिस्से को गिराने का काम शुरू होगा, जिससे यात्रियों और ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है।

मुंबई में हवाई यात्रियों के लिए आने वाले समय में सफर का तरीका बदलने वाला है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल 1 अक्टूबर के अंत तक बंद होने जा रहा है। इसके बाद यहां से चलने वाली उड़ानों को चरणबद्ध तरीके से मुंबई के टर्मिनल 2 और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भेजा जाएगा। इस बदलाव का सीधा असर मुंबई महानगर क्षेत्र के यात्रियों पर पड़ने वाला है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, टर्मिनल 1 के उत्तरी हिस्से को गिराने का काम 15 जनवरी 2027 से शुरू किया जाना है। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने इसके लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि पूरे बदलाव को चरणों में किया जा रहा है, ताकि विमान सेवाओं और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।

बता दें कि 1 अक्टूबर से कम से कम एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भेजने की योजना है। इसके बाद 25 अक्टूबर से टर्मिनल 1 से संचालित होने वाली कम से कम एक-तिहाई उड़ानों को मुंबई के टर्मिनल 2 में ट्रांसफर किया जाएगा। विमानन कंपनियों को उत्तरी हिस्से को गिराने से पहले करीब साढ़े 3 महीने तक बदलाव के लिए सहायता देने की भी योजना है।

इस बदलाव से बड़ी संख्या में यात्रियों का सफर नवी मुंबई की ओर हो जाएगा। इस सर्दी में मुंबई हवाई अड्डे से गुजरने वाले करीब 55 मिलियन यात्रियों में से लगभग 1/5 यात्रियों के नवी मुंबई हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने की उम्मीद है। टर्मिनल 1 से हर साल करीब 15 मिलियन यात्री सफर करते हैं, जिनमें से लगभग 10 मिलियन यात्रियों से जुड़ी उड़ानों को अक्टूबर के अंत तक नवी मुंबई भेजे जाने की संभावना है।

बाकी करीब 5 मिलियन यात्रियों को मुंबई के टर्मिनल 2 में संभालने की तैयारी है। इसके लिए टर्मिनल 2 की यात्री क्षमता को 40 मिलियन से बढ़ाकर 45 मिलियन यात्री सालाना करने की योजना है। विमानन कंपनियों के साथ उड़ानों को टर्मिनल 2 और नवी मुंबई के बीच बांटने को लेकर बातचीत भी चल रही है। अकासा एयर ने 1 अगस्त से अपनी घरेलू उड़ानों को टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि टर्मिनल 1 करीब 80 साल पुराना है और इसके कुछ हिस्सों को पहले ही गिराया जा चुका है। मौजूदा समय में टर्मिनल 1 और टर्मिनल 2 की यात्री क्षमता करीब 15 मिलियन और 40 मिलियन यात्री सालाना है। पुराने टर्मिनल को नए सिरे से विकसित करने का काम चरणों में किया जाना है, ताकि मुंबई की हवाई सेवाएं पूरी तरह प्रभावित न हों।

यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि उन्हें टिकट बुक करने के साथ-साथ यह भी देखना होगा कि उनकी उड़ान किस हवाई अड्डे और किस टर्मिनल से संचालित हो रही है। जिन यात्रियों की उड़ान नवी मुंबई भेजी जाएगी, उन्हें मुंबई से नवी मुंबई तक अतिरिक्त सड़क यात्रा के लिए समय निकालना होगा। व्यस्त समय में सड़क पर ज्यादा यातायात होने से सफर और लंबा हो सकता है। इससे कुछ यात्रियों का आने-जाने का खर्च भी बढ़ सकता है।

दूसरी तरफ, उड़ानों के बंटवारे से मुंबई हवाई अड्डे पर भीड़ कम होने की उम्मीद है। फिलहाल मुंबई हवाई अड्डे पर उतरने वाले सभी विमान एक ही चालू हवाई पट्टी का इस्तेमाल करते हैं और इसके बाद यात्रियों को टर्मिनल 1 या 2 तक पहुंचाया जाता है। कुछ उड़ानों के नवी मुंबई चले जाने से विमानों के उतरने के लिए इंतजार का समय और उड़ान भरने से पहले की देरी कम हो सकती है। इससे समय पर उड़ान संचालन में सुधार की उम्मीद है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, निजी और चार्टर विमानों सहित ज्यादातर सामान्य विमानन सेवाओं को भी आने वाले महीनों में नवी मुंबई भेजने की योजना है। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से एक संयुक्त बदलाव समूह बनाने की मांग की है, जिसकी अध्यक्षता नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा कर सकते हैं। इसका उद्देश्य विमानन कंपनियों, हवाई अड्डों और सरकार के बीच तालमेल बढ़ाना है।

नवी मुंबई हवाई अड्डे के पहले टर्मिनल की घोषित क्षमता 20 मिलियन यात्री सालाना यानी करीब 55,000 यात्री रोजाना है। वहीं दूसरे टर्मिनल की क्षमता 30 मिलियन यात्री सालाना बताई गई है, जिसके 2029 तक तैयार होने की उम्मीद है। 2026 से 2029 के बीच मुंबई और नवी मुंबई के हवाई अड्डों की क्षमता बढ़ाकर बढ़ते यात्रियों को संभालने की तैयारी है।

ऐसे में आने वाले समय में यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान का नया टर्मिनल जरूर जांच लें। टर्मिनल 1 के पुनर्विकास से लंबे समय में सुविधाओं में बदलाव की उम्मीद है, लेकिन निर्माण के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त समय और यात्रा खर्च का ध्यान रखना होगा।

All the updates here:

अन्य न्यूज़