• वित्त मंत्री सीतारमण ने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से कहा, भारत में अवसरों का भंडार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (62) ने कई शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी।

 वाशिंगटन। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों से कहा कि भारत में निवेशकों एवं कारोबारी कंपनियों के लिए ‘‘अवसरों का भंडार’’ है। सीतारमण (62) ने कई शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। सीतामरण अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में भाग लेने के लिए इस समय अमेरिका की राजधानी में हैं।

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इन दोनों संस्थाओं की बैठक के इतर वह भारत में मौजूद और वहां निवेश के अवसर भुनाने में रुचि दिखाने वाली कई शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के सीईओ से भी मुलाकात कर रही हैं। मंत्रालय ने बताया कि एमवे के सीईओ मिलिंद पंत के साथ बैठक के दौरान अनुसंधान और विकास, विनिर्माण स्वचालन, नवोन्मेष और पोषण से जुड़े क्षेत्रों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री ने हाल में राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा मास्टर प्लान शुरू करने वाली राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन जैसी पहल और गुजरात में गिफ्ट सिटी में अवसरों के भंडार का उल्लेख किया। मंत्री ने 1998 के बाद से भारत में कंपनी की मौजूदगी एवं प्रदर्शन और आगामी वर्षों में निवेश करने की उसकी इच्छा को रेखांकित किया।

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बोइंग के मुख्य रणनीति अधिकारी बी मार्क एलन के साथ सीतारमण की बैठक के दौरान कौशल, अनुसंधान एवं विकास, विनिर्माण स्वचालन, नवोन्मेष और एयरोस्पेस क्षेत्रों के बारे में व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों में बोइंग के सहयोग और आने वाले वर्षों में निवेश करने में कंपनी की रूचि को रेखांकित किया। नोवावैक्स के सीईओ स्टेनली एर्क के साथ बैठक के दौरान, सीतारमण ने चिकित्सा विज्ञान में अनुसंधान एवं विकास, स्वास्थ्य और कल्याण समेत स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में सुधारों की दिशा में अहम भारतीय पहलों और गुजरात की गिफ्ट सिटी में बढ़ते अवसरों पर बात की। उन्होंने भारत में आगामी वर्षों में निवेश करने में कंपनी की दिलचस्पी को रेखांकित किया।