देश की GDP को लेकर आ गई अच्छी खबर, दूसरी तिमाही में शानदार 8.4 फीसदी ग्रोथ के आंकड़े सामने आए

देश की GDP को लेकर आ गई अच्छी खबर, दूसरी तिमाही में शानदार 8.4 फीसदी ग्रोथ के आंकड़े सामने आए

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से कहा गया कि स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी के 2021-22 की अप्रैल-सितंबर अवधि में 68.11 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो पिछले साल इसी अवधि में 59.92 लाख करोड़ रुपये था।

दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर के नतीजे सामने आ गए हैं और तेज रिकवरी के संकेत अब आंकड़ों के जरिये भी सामने आने लगे हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2021-22 की दूसरी तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि 8.4 प्रतिशत रही है। 2020-21 की इसी जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी में 7.4 फीसदी की गिरावट आई थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से कहा गया कि स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी के 2021-22 की अप्रैल-सितंबर अवधि में 68.11 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो पिछले साल इसी अवधि में 59.92 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह यह चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 13.7 प्रतिशत की वृद्धि को बताता है। जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में इसमें 15.9 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।

कोर सेक्टर ने 7.5% की वृद्धि दर्ज की

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि आठ बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के उत्पादन में अक्टूबर में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो एक साल पहले महीने में 0.5 प्रतिशत संकुचन था। कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली के आठ बुनियादी ढांचा क्षेत्रों का उत्पादन अक्टूबर 2020 में 0.5 प्रतिशत कम हो गया था। आठ प्रमुख उद्योगों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल मदों के भार का 40.27 प्रतिशत शामिल है।

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अर्थव्यवस्था से जुड़ी 10 बड़ी बातें 

सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.4 % रही। 

अनुमानों के मुताबिक जीडीपी ग्रोथ रही। 

मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर से ग्रोथ को सहारा।  

जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 20.1 % थी। 

पिछली साल दूसरी तिमाही में जीडीपी 7.5 % गिरी थी। 

सितंबर तिमाही में जीवीए 8.5 % रहा।

अप्रैल-अक्टूबर में फिस्कल डेफिसिट अनुमान के मुताबिक रहा।  

अप्रैल-अक्टूबर में फिस्कल डेफिसिट 5.47 लाख करोड़।

तीसरी तिमाही में 0.4% जीडीपी रही थी।

 चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में जीडीपी ग्रोथ रेट 1.6 फीसदी दर्ज की गई।