IMWA और Scotch Whisky Association में हुआ समझौता, दोनों देशों में बढ़ेगा कारोबार

Indian Malt Whisky Association
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

इंडियन माल्ट व्हिस्की एसोसिएशन और स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन ने उत्पादों के संरक्षण, संवर्धन और नियामकीय सहयोग के लिए समझौता किया है। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के तहत शुल्क कटौती से दोनों देशों में व्हिस्की की बिक्री और व्यापारिक अवसर बढ़ेंगे। यह साझेदारी दोनों बाजारों में द्विपक्षीय व्यापार और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करेगी।

 इंडियन माल्ट व्हिस्की एसोसिएशन (आईएमडब्ल्यूए) और स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन (एसडब्ल्यूए) ने एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य टिकाऊपन, अपने-अपने उत्पादों का संरक्षण एवं संवर्धन और आपसी हित के नियामकीय मामलों पर बातचीत करना है। दोनों संगठनों के संयुक्त बयान के अनुसार, इस समझौते में कानूनी संरक्षण, उत्पादों की प्रामाणिकता, बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन और जिम्मेदारी से शराब के सेवन को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का भी प्रावधान है। 

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के 15 जुलाई, 2026 से लागू होने के बाद भारत में स्कॉच व्हिस्की की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत आयात शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत किया गया है, जिसे अगले दशक में चरणबद्ध तरीके से घटाकर 40 प्रतिशत किया जाएगा। इस व्यापार समझौते से भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की को ब्रिटेन के बाजार में अपनी जगह बनाने के अवसर भी मिल सकते हैं। कुछ ब्रांड अपनी गुणवत्ता एवं निर्माण कौशल के लिए पहले ही अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुके हैं।

 बयान में कहा गया, ‘‘एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार के नए रास्ते खुलने के साथ, उद्योग संगठनों के बीच करीबी संपर्क संवाद को मजबूत करने, जानकारी के आदान-प्रदान को सुगम बनाने और दोनों बाजारों में कारोबारी अवसरों का लाभ उठाने में कंपनियों की मदद कर सकता है।’’ स्कॉटलैंड स्थित एसडब्ल्यूए के अनुसार, 2025 में भारत मात्रा के लिहाज से स्कॉच व्हिस्की का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यात बाजार था।

 भारत को 22 करोड़ से अधिक बोतलों के बराबर स्कॉच व्हिस्की का निर्यात किया गया था। पिछले एक दशक में भारत भेजी जाने वाली स्कॉच व्हिस्की की मात्रा दोगुनी हो गई है। यह देश में स्कॉच व्हिस्की उत्पादकों के लिए उपलब्ध अवसरों के बड़े आकार को दर्शाता है। 

आईएमडब्ल्यूए के महानिदेशक मेजर जनरल राजेश चोपड़ा ने कहा, ‘‘यह समझौता भारत के माल्ट व्हिस्की उद्योग के विकास और व्हिस्की बनाने की स्थापित वैश्विक परंपराओं के साथ उसके जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।’’

 जुलाई 2024 में एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन के रूप में स्थापित आईएमडब्ल्यूए भारतीय माल्ट व्हिस्की उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करता है और इस क्षेत्र में गुणवत्ता, प्रामाणिकता तथा मानकीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़