मप्र सरकार उत्पादन, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बना रही नई मत्स्य नीतिः मंत्री

Production
प्रतिरूप फोटो
OutlookIndia.com
तुलसी सिलावट ने यहां आयोजित मध्य प्रदेश मत्स्यपालन कार्यशाला 2022 को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मछली उत्पादन को बढ़ावा देने और मछुआरों के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश एक नई मत्स्य नीति तैयार कर रहा है।

मध्य प्रदेश के जल संसाधन, मछुआरा कल्याण एवं मत्स्यपालन मंत्री तुलसी सिलावट ने शनिवार को कहा कि मछली उत्पादन, निर्यात और उत्थान के लिए प्रदेश में नई मत्स्य नीति बनाई जा रही है। सिलावट ने यहां आयोजित मध्य प्रदेश मत्स्यपालन कार्यशाला 2022 को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मछली उत्पादन को बढ़ावा देने और मछुआरों के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश एक नई मत्स्य नीति तैयार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए काम कर रही है और अगले साल इसे मौजूदा दो लाख टन से बढ़ाकर तीन लाख टन पहुंचाने का लक्ष्य है। सिलावट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मछुआरों के कल्याण और उत्थान के लिए प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में मानक फ्राई फिश सीड्स को 171 करोड़ से बढ़ाकर 200 करोड़ करने का प्रयास किया जा रहा है।

पीएचडी चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की राज्य विकास परिषद के संयुक्त सचिव अतुल के ठाकुर ने पीटीआई से कहा, उद्योग मंडल ने पांच देशों के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों की मदद से मप्र मत्स्य पालन पर एक रिपोर्ट तैयार की है। राजनयिकों ने मत्स्य पालन क्षेत्र में प्रदेश सरकार के साथ सहयोग करने के लिए अपनी रुचि व्यक्त की है।’’

इस कार्यशाला में जापान दूतावास के प्रथम सचिव (खाद्य और कृषि) इक्को वतनबे, भारत में नेपाल दूतावास के परामर्शदाता (आर्थिक) बद्री प्रसाद तिवारी, वियतनाम दूतावास के प्रथम सचिव डो ड्यो खान्ह,मुंबई में रॉयल थाई कांसुलेट-जनरल के काउंसिल-जनरल डोनाविट पूलसावत, मॉरीशस गणराज्य उच्चायोग के परामर्शदाता (निवेश और व्यापार) बाजार विकास (एशिया डिवीजन) के सेवाराज नंदलाल ने भाग लिया। कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में मछुआरों, मछली पालन किसानों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़