रिलायंस इंडस्ट्रीज और बैंक शेयरों में तेजी, हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2021   18:03
रिलायंस इंडस्ट्रीज और बैंक शेयरों में तेजी, हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

कारोबारियों के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में सुधार तथा उत्साहजनक वृहत आर्थिक आंकड़ों से निवेशकों पर सकारात्मक असर पड़ा है। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 619.92 अंक यानी 1.09 प्रतिशत उछलकर 57,684.79 पर बंद हुआ।

मुंबई। शेयर बाजारों में बुधवार कोबीएसई सेंसेक्स जहां 620 अंक उछलकर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी ने 17,100 के स्तर को फिर से प्राप्त कर लिया।कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमीक्रोन को लेकर चिंता के बावजूद वैश्विक बाजारों में सुधार के बीच निवेशकों ने हाल में गिरावट वाले बैंक, वित्त और ऊर्जा शेयरों की लिवाली की। कारोबारियों के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में सुधार तथा उत्साहजनक वृहत आर्थिक आंकड़ों से निवेशकों पर सकारात्मक असर पड़ा है। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 619.92 अंक यानी 1.09 प्रतिशत उछलकर 57,684.79 पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 183.70 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,166.90 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में 5.73 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में इंडसइंड बैंक रहा।

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इसके अलावा एक्सिस बैंक, एसबीआई, मारुति, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी प्रमुख रूप से तेजी रही। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, भारती एयरटेल, टाइटन और कोटक बैंक शामिल हैं। इनमें 1.58 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में मंगलवार को बिकवाली के बाद आज सुधार दिखा। इससे भारतीय बाजारों में भी तेजी रही। इसके अलावा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के बेहतर आंकड़े का भी असर पड़ा। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के प्रभाव के बाद आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने के साथ देश की जीडीपी वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत रही।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व प्रमुख के बांड खरीद कार्यक्रम में कमी किये जाने के साथ ओमीक्रोन को लेकर निवेशक चिंतित हैं, लेकिन इसके बावजदू वैश्विक शेयर बाजारों में आज अच्छा सुधार हुआ।’’ इस बीच, बाजार की स्थिति में सुधार के साथ देश में विनिर्माण गतिविधियों में नवंबर में और मजबूती आई।

फरवरी के बाद से उत्पादन और बिक्री में सबसे तेज वृद्धि देखी गई है। एक मासिक सर्वेक्षण में बुधवार को यह जानकारी दी गई। आईएचएस मार्केट इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अक्टूबर में 55.9 से बढ़कर नवंबर में 57.6 हो गया। यह इस क्षेत्र की स्थिति में 10 महीनों में सबसे मजबूत सुधार का संकेत है। इसके अलावा जीएसटी (माल एवं सेवा कर) संग्रह नवंबर में 25 प्रतिशत बढ़कर 1.31 लाख करोड़ रुपये रहा। जीएसटी क्रियान्वयन के बाद यह दूसरी बार सर्वाधिक संग्रह है। यह व्यापार गतिविधियों में सुधार के साथ आर्थिक पुनरुद्धार और अनुपालन में वृद्धि को बताता है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजित मिश्रा ने कहा कि दुनिया भर के लिये ओमीक्रोन चिंता का विषय है। ‘‘लेकिन इसके साथ अनुकूल घरेलू आंकड़ों से फिलहाल राहत मिल सकती है। लेकिन इससे बाजार को कोई दिशा मिलेगी, ऐसा नहीं है। ऐसे में यह बेहतर होगा कि सतर्क रुख अपनाया जाए और चीजें स्पष्ट होने तक इंतजार किया जाए।’’ एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की लाभ में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर कारोबार में तेजी का रुख रहा। उधर, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71.97 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 22 पैसे की तेजी के साथ 74.91 पर पहुंच गयी। शेयर बाजार के आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं और उन्होंने मंगलवार को 5,445.25 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।





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