Pakistan ने US से 10 अरब डॉलर की सुविधा मांगी, विदेशी मुद्रा स्थिरता पर जोर

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने अमेरिकी वित्त मंत्रालय से 10 अरब डॉलर की एक्सचेंज स्टैबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी का अनुरोध किया है। औरंगजेब के अनुसार इस बातचीत का उद्देश्य पारंपरिक कर्ज लेना नहीं, बल्कि देश की विदेशी मुद्रा स्थिति को संभालना और वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाना है। सरकार अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ मिलकर देश की संप्रभु रेटिंग में सुधार लाने का भी प्रयास कर रही है।
सज्जाद हुसैन
इस्लामाबाद, 20 अगस्त पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि देश की विदेशी मुद्रा स्थिति मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए अमेरिका से 10 अरब डॉलर की सुविधा का अनुरोध किया गया है। ‘बिजनेस रिकॉर्डर’ अखबार में बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में औरंगजेब ने जानकारी दी कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय से यह अनुरोध किया गया है और बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक ऋण या ऋण सुविधा हासिल करना नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा स्थिरता मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों को सकारात्मक संकेत देना है। उन्होंने कहा, ‘‘यह ऋण सुविधा या कर्ज के बारे में नहीं है। यह हमारी मुद्रा स्थिरता और विदेशी मुद्रा स्थिरता के बारे में संकेत है और इससे हमें बाजार में जाने में भी मदद मिलेगी।’’ पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से बाहरी भुगतान के दबाव का सामना कर रहा है और 2023 में ‘डिफॉल्ट’ के करीब पहुंच गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और द्विपक्षीय साझेदारों से समय पर मिली मदद की वजह से वह इससे बच गया। पाकिस्तान फिलहाल 2024 में मंजूर हुए आईएमएफ के सात अरब डॉलर के सहायता कार्यक्रम को लागू कर रहा है। वहीं, सरकार अपनी साख सुधारने और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में नियमित पहुंच फिर हासिल करने की कोशिश कर रही है। अमेरिका से प्रस्तावित 10 अरब डॉलर की ‘एक्सचेंज स्टैबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी’ ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान अपनी बाहरी वित्तपोषण जरूरतों को पूरा करने के लिए मित्र देशों से कर्ज, जमा और बार-बार कर्ज की अवधि बढ़ाने पर आधारित वित्तीय मॉडल से दूर जाने की कोशिश कर रहा है। औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान का ‘‘पूरा प्रयास’’ अल्पावधि में द्विपक्षीय कर्ज की अवधि बढ़ाने पर निर्भर रहने के बजाय लंबी पुनर्भुगतान अवधि वाले बाजार आधारित वित्तपोषण की ओर बढ़ना है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ के साथ समस्याएं हो सकती हैं।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि इसके बावजूद सरकार अपने उद्देश्य को लेकर स्पष्ट है कि ऐसी व्यवस्थाओं पर निर्भरता कम करनी है। पाकिस्तान पिछले एक दशक में, विशेषकर पिछले तीन वर्षों के दौरान, अपने द्विपक्षीय साझेदारों से मिली मदद के लिए उनका आभारी है, लेकिन अब उसकी वित्तपोषण रणनीति में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पाकिस्तान की संप्रभु रेटिंग सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ काम कर रही है। उनके अनुसार, यह रेटिंग 2003-04 से स्थिर बनी हुई है। औरंगजेब ने कहा, ‘‘हम कम से कम बी+ रेटिंग की ओर बढ़ना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि बेहतर संप्रभु रेटिंग से पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कर्ज लेना आसान और संभावित रूप से सस्ता होगा तथा वह लंबी अवधि के लिए कर्ज जुटा सकेगा। मंत्री ने कहा कि इस्लामाबाद अपनी मौजूदा कुछ वित्तीय व्यवस्थाओं से अंततः बाहर निकलने के तरीकों पर भी बातचीत कर रहा है और उसे सितंबर के अंत तक एक्सिम बैंक या अमेरिकी वित्त मंत्रालय से प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान की वित्तीय कमजोरी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। देश बाहरी वित्तपोषण की कमी को पूरा करने और ‘डिफॉल्ट’ से बचने के लिए बार-बार आईएमएफ और मित्र देशों की मदद लेता रहा है।
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