Swiggy का घाटा कम होने के बावजूद Zomato से पिछड़ा, कुल खर्च 8703 करोड़ पहुंचा

स्विगी का दूसरी तिमाही में शुद्ध घाटा 15.6 प्रतिशत घटकर 922 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व 36 प्रतिशत बढ़कर 7,571 करोड़ रुपये पहुंच गया। कुल खर्च 8,703 करोड़ रुपये होने और पिछली तिमाही से घाटा बढ़ने के कारण शेयर 5.01 प्रतिशत गिरकर 211.30 रुपये पर बंद हुआ। प्रतिद्वंद्वी जोमैटो ने 125 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया।
खाने और किराने के सामान की ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनी स्विगी के लिए चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है, जबकि कमाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, तेजी से बढ़ते कारोबार और खर्चों के दबाव के कारण कंपनी को अब भी भारी नुकसान हो रहा है। नतीजों के दिन स्विगी के शेयर में भी गिरावट देखने को मिली है।
स्विगी ने 22 अक्टूबर को बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई से सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 15.6% घटकर 922 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 1,092 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। हालांकि, पिछली तिमाही के 791 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले इस बार नुकसान बढ़ गया है। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई बढ़ने के बावजूद खर्चों का दबाव बना हुआ है।
बेंगलुरु स्थित इस कंपनी की परिचालन से होने वाली कमाई में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूसरी तिमाही में स्विगी का राजस्व 36% बढ़कर 7,571 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 5,561 करोड़ रुपये था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने 6,812 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था।
वहीं, कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर करीब 30% बढ़कर 8,703 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह खर्च 6,711 करोड़ रुपये था, जबकि पिछली तिमाही में 7,813 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले समायोजित कमाई में घाटा भी बढ़ा है। यह घाटा पहली तिमाही के 651 करोड़ रुपये से बढ़कर दूसरी तिमाही में 760 करोड़ रुपये हो गया है।
स्विगी के कारोबार में ग्राहकों की संख्या बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है। कंपनी के मंच पर हर महीने लेनदेन करने वाले ग्राहकों की औसत संख्या बढ़कर 2.78 करोड़ हो गई है। एक साल पहले यह आंकड़ा 2.29 करोड़ था। यानी कंपनी की सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, प्रतिस्पर्धी कंपनी जोमैटो ने सितंबर तिमाही में बेहतर नतीजे पेश किए हैं। उसका शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 92% बढ़कर 125 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि राजस्व 78% बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये रहा। उसकी त्वरित सामान डिलीवरी सेवा ब्लिंकिट ने सामान के भंडार का स्वामित्व अपने पास रखने वाला कारोबारी मॉडल अपनाया है।
गौरतलब है कि स्विगी की त्वरित डिलीवरी सेवा इंस्टामार्ट के तेजी से विस्तार पर कंपनी बड़ी रकम खर्च कर रही है। इस रणनीति से भविष्य में कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है, लेकिन फिलहाल इसका असर मुनाफे पर पड़ रहा है। नतीजों के दिन 22 अक्टूबर को स्विगी के शेयर 5.01% गिरकर 211.30 रुपये पर बंद हुए हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी बढ़ते राजस्व के साथ अपने खर्चों पर कितना नियंत्रण कर पाती है और घाटे को कम करने में कब तक सफल होती है।
अन्य न्यूज़














