Tech Sector में फिर बड़ी छंटनी, US की Opendoor ने 250 कर्मचारियों संग India को कहा अलविदा

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Ankit Jaiswal । Jun 11 2026 8:24PM

ओपनडोर का भारत में कारोबार बंद करने का फैसला वैश्विक तकनीकी उद्योग में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहाँ AI-संचालित स्वचालन और अमेरिकी घरेलू रोजगार नीतियों का दबाव कंपनियों को भारत जैसे देशों से अपने परिचालन को स्थानांतरित करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में नौकरियों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है और अब एक और बड़ी कंपनी ने भारत में अपने परिचालन को बंद करने का फैसला लिया है। अमेरिका की रियल एस्टेट प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ी कंपनी ओपनडोर ने घोषणा की है कि वह भारत में अपनी गतिविधियां समाप्त करेगी। इस फैसले का असर भारत में कार्यरत लगभग 250 कर्मचारियों पर पड़ेगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी काज़ नेजातियन ने इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कंपनी अपने परिचालन कार्यों को ग्राहकों के अधिक करीब ले जाना चाहती है। चूंकि ओपनडोर के अधिकांश ग्राहक अमेरिका में हैं, इसलिए कंपनी ने यह निर्णय लिया है कि परिचालन से जुड़े कार्य भी वहीं से संचालित किए जाएं।

काज़ नेजातियन ने एक सार्वजनिक संदेश में कहा कि भारत में कार्यरत कर्मचारियों ने कंपनी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और यह फैसला उनके काम की गुणवत्ता से बिल्कुल भी जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की टीम ने कंपनी की सफलता में अहम भूमिका निभाई है और वे भविष्य में भी इन कर्मचारियों की पेशेवर क्षमता की सराहना करते रहेंगे।

बता दें कि ओपनडोर अमेरिका की एक प्रमुख रियल एस्टेट प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो घरों की खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आसान बनाने का काम करती है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने भारत में भी एक महत्वपूर्ण कार्यबल तैयार किया था, जो विभिन्न परिचालन प्रक्रियाओं और तकनीकी कार्यों को संभाल रहा था।

गौरतलब है कि कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि पहले भारत स्थित टीम विभिन्न अलग-अलग प्रणालियों में मैनुअल कार्यप्रवाह का प्रबंधन करती थी। हालांकि अब कंपनी ने अपनी प्रणालियों को एकीकृत कर लिया है और अमेरिका में छोटे लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ग्राहक-केंद्रित दल तैयार किए हैं। इसी वजह से कंपनी ने परिचालन कार्यों को भारत से वापस अमेरिका स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कुछ पद पहले ही अमेरिका में स्थानांतरित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रक्रिया अब पूरी की जा रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित कर्मचारियों को संक्रमण सहायता पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें सेवा समाप्ति लाभ, नई नौकरी खोजने में सहायता और अन्य आवश्यक संसाधन शामिल किए गए हैं।

काज़ नेजातियन ने कहा कि यह बदलाव कर्मचारियों के लिए कठिन समय है और कंपनी इस दौरान हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी की कारोबारी रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और ओपनडोर की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है।

गौरतलब है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां एआई आधारित प्रणालियों को तेजी से अपना रही हैं। इससे कार्य करने के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल के महीनों में कई वैश्विक कंपनियों ने कार्यबल में कटौती की है और कुछ जिम्मेदारियों को स्वचालित प्रणालियों के हवाले किया है।

मौजूद रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में दुनिया भर की 95 प्रौद्योगिकी कंपनियों ने 73,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग ने रोजगार बाजार की संरचना को बदलना शुरू कर दिया है।

इसके साथ ही अमेरिका में घरेलू रोजगार को प्राथमिकता देने की नीति भी कई कंपनियों के फैसलों को प्रभावित कर रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की "मेक अमेरिका ग्रेट अगेन" नीति के तहत अमेरिकी कंपनियों पर स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने का दबाव भी बना हुआ है।

ऐसे में ओपनडोर का भारत से ऑपरेशन को बंद का फैसला केवल एक कंपनी का निर्णय नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे वैश्विक तकनीकी उद्योग में बदलती प्राथमिकताओं, एआई के बढ़ते प्रभाव और स्थानीय रोजगार नीतियों के व्यापक असर के रूप में भी देखा जा रहा है।

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