Tewolde GebreMariam संभालेंगे Air India की कमान, भारी घाटा और सुरक्षा चुनौतियों के बीच Leadership का नया दौर

एयर इंडिया के नए नेतृत्व के रूप में तेवोल्डे गेबरियाम की नियुक्ति एयरलाइन के वित्तीय संकट और सुरक्षा चुनौतियों का विश्लेषण करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। भारी घाटे और परिचालन संबंधी अनिश्चितताओं के बीच उनका प्राथमिक लक्ष्य इंजीनियरिंग सुधार और आर्थिक अनुशासन के माध्यम से एयरलाइन की वैश्विक साख बहाल करना होगा।
एयर इंडिया में सोमवार से नेतृत्व का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। इथियोपियन एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख तेवोल्डे गेबरियाम एयर इंडिया के कामकाज की कमान संभालेंगे। वह पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन की जगह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब एयर इंडिया पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, परिचालन को भरोसेमंद बनाने और लगातार बढ़ते घाटे को नियंत्रित करने का दबाव है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, तेवोल्डे गेबरियाम को फिलहाल आधिकारिक तौर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जवाबदेह प्रबंधक का पद नहीं दिया जाएगा, क्योंकि उनकी सुरक्षा मंजूरी अभी लंबित है। माना जा रहा है कि यह मंजूरी इस महीने के अंत तक मिल सकती है। इसके बावजूद सोमवार से वह एयरलाइन के रोजमर्रा के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन सोमवार को कर्मचारियों के साथ होने वाली बैठक में उनका परिचय करा सकते हैं।
बता दें कि तेवोल्डे गेबरियाम पिछले महीने की शुरुआत में टाटा समूह की एयरलाइन से जुड़े थे। तब से एन. चंद्रशेखरन और एयर इंडिया के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप सिंह खरोला उन्हें एयरलाइन की व्यवस्था और चुनौतियों से परिचित करा रहे हैं। शुरुआती कुछ महीनों तक दोनों वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
गेबरियाम के सामने सबसे बड़ी चुनौती एयर इंडिया को आर्थिक और परिचालन रूप से मजबूत स्थिति में लाने की होगी। वित्त वर्ष 2026 में एयरलाइन को 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। इसके अलावा एयर इंडिया ने अपने मालिकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी की मांग की है। ऐसे में नए नेतृत्व पर खर्च कम करने, नकदी की स्थिति पर नजर रखने और लाभ बढ़ाने का दबाव भी रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में 270 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद एयरलाइन पर सुरक्षा को लेकर जांच और निगरानी बढ़ी है। इसके बाद 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही उड़ान के अचानक ऊंचाई खोने से करीब 20 यात्री और चार चालक दल के सदस्य घायल हो गए थे। प्रारंभिक जांच में विमान के कप्तान की पुष्टि जांच में मन:प्रभावी पदार्थ के लिए गैर-नकारात्मक रिपोर्ट सामने आने के बाद एयर इंडिया ने शुक्रवार को उन्हें नौकरी से हटा दिया।
तेवोल्डे गेबरियाम का विशेष ध्यान विमान इंजीनियरिंग, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर रहने की उम्मीद है। इथियोपियन एयरलाइंस में उन्होंने परिचालन और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एयर इंडिया के बेड़े के आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने की तैयारी को देखते हुए तकनीकी विभाग और रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करना उनके लिए अहम जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने पिछले महीने विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ बैठक कर सुधार की जरूरत पर जोर दिया था। खासकर इंजीनियरिंग, सुरक्षा और आय बढ़ाने से जुड़े मामलों पर उनका ध्यान रहा। माना जा रहा है कि वह जरूरत के अनुसार टीमों में बदलाव या विभागों के पुनर्गठन का फैसला भी ले सकते हैं।
एयरलाइन के भीतर यह भी चर्चा है कि नए प्रमुख के आने के बाद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की विदाई हो सकती है और उनकी जगह नई टीम लाई जा सकती है। साथ ही गेबरियाम से ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करने की उम्मीद है, जिसमें जिम्मेदारी तय हो, कामकाज में तेजी आए और यात्रियों को लगातार बेहतर सेवा मिले।
सोमवार को होने वाली कर्मचारियों की बैठक को नए नेतृत्व की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसमें सुरक्षा, बेहतर परिचालन, यात्री सुविधा और आर्थिक अनुशासन को एयर इंडिया की आगे की रणनीति के प्रमुख आधार के तौर पर सामने रखा जा सकता है। इस तरह तेवोल्डे गेबरियाम के सामने एयर इंडिया को सिर्फ विस्तार देने की नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित, भरोसेमंद और आर्थिक रूप से टिकाऊ एयरलाइन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हैं।
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