Live TV Streaming Apps के लिए TRAI ने प्रस्तावित की 1 लाख रुपये फीस, 20 साल होगी वैधता

ट्राई ने इंटरनेट आधारित लाइव टीवी स्ट्रीमिंग ऐप्स के लिए सरकारी अनुमति अनिवार्य करने की सिफारिश की है। इसके तहत स्मार्ट टीवी निर्माताओं और ओएस प्रदाताओं को सिर्फ अधिकृत ऐप्स ही उपलब्ध कराने होंगे। इस प्रस्तावित ढांचे का उद्देश्य इन सेवाओं को औपचारिक नियामक दायरे में लाकर जवाबदेही और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने सोमवार को इंटरनेट-आधारित लाइव टेलीविजन स्ट्रीमिंग एप्लिकेशन के लिए सरकारी अनुमति (ऑथराइजेशन) को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की है। साथ ही, यह भी प्रस्ताव दिया है कि स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनियों और ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) प्रदाताओं को अपने डिवाइस और ऐप स्टोर पर केवल अधिकृत एप्लिकेशन को ही अनुमति देनी चाहिए। 'एप्लिकेशन-आधारित लीनियर टेलीविजन वितरण (ALTD) सेवाओं के लिए ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क' के तहत जारी की गई इन सिफारिशों का उद्देश्य इंटरनेट-आधारित टेलीविजन वितरण (जिसमें फ्री ऐड-सपोर्टेड स्ट्रीमिंग टेलीविजन यानी FAST सेवाएं भी शामिल हैं) को एक औपचारिक नियामक ढांचे के दायरे में लाना है। संचार मंत्रालय के अनुसार, OEMs (टेलीविजन निर्माताओं सहित) और OS प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके डिवाइस और ऐप स्टोर पर केवल अधिकृत ALTD एप्लिकेशन ही उपलब्ध हों।
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इन कंपनियों को सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) को वार्षिक अनुपालन रिपोर्ट (compliance reports) भी सौंपनी होगी। TRAI ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क के तहत, टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं के भीतर ALTD सेवाओं को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल करने की सिफारिश की है। प्रस्तावित ढांचे के तहत, सरकारी अनुमति प्राप्त करने और नियामक आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एप्लिकेशन प्रदाताओं की होगी। मंत्रालय ने कहा, "'ALTD सेवा' प्रदान करने के लिए सरकारी अनुमति लेने और लागू ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क का पालन करने के लिए, एप्लिकेशन प्रदाता को ही मुख्य जिम्मेदार इकाई माना गया है। रेगुलेटर ने 1 लाख रुपये की एकमुश्त एंट्री फीस और 10,000 रुपये की एप्लिकेशन प्रोसेसिंग फीस का प्रस्ताव रखा है। ऑथराइजेशन (अनुमति) शुरू में 20 साल के लिए मान्य होगा और इसे बाद में 10-10 साल की अवधि के लिए रिन्यू किया जा सकेगा।
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TRAI ने कोई ऑथराइजेशन फीस, बैंक गारंटी या सिक्योरिटी डिपॉजिट न रखने की सिफारिश की है, ताकि सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए प्रस्तावित ढांचा काफी सरल बना रहे। रेगुलेटर ने यह भी सुझाव दिया है कि ऑथराइज्ड एप्लिकेशन केवल उन्हीं टीवी चैनलों को प्रसारित करें जिनके पास सरकार की वैध अनुमति, ऑथराइजेशन या रजिस्ट्रेशन हो। मंत्रालय ने कहा, "'ALTD सर्विस' की ऑथराइज्ड इकाई को केवल उन्हीं टीवी चैनलों का प्रसारण करना चाहिए, जिनके पास केंद्र सरकार की वैध अनुमति, ऑथराइजेशन या रजिस्ट्रेशन हो।" प्रस्तावित ढांचे में इंटरनेट-आधारित लीनियर टीवी चैनलों के लिए एक रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी शामिल होगा, और उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स ही मुख्य संपर्क बिंदु होंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में, TRAI ने इन एप्लिकेशनों के जरिए देखे जाने वाले कंटेंट को 'टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट फ्रेमवर्क' (TV रेटिंग सिस्टम) में शामिल करने की सिफारिश की है, जिससे इंटरनेट-आधारित लाइव टीवी दर्शकों को भी व्यापक TV रेटिंग सिस्टम का हिस्सा बनाया जा सके। ये सिफारिशें दिसंबर 2025 में सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा भेजे गए एक संदर्भ के बाद आई हैं, जिसमें ऐसी सेवाओं के लिए समानता, कंटेंट की जवाबदेही और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक रेगुलेटरी ढांचे की मांग की गई थी। ये प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुए हैं; ऑथराइजेशन ढांचे को स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाने होंगे।
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