Rohit-Kohli की जगह पक्की नहीं, Kapil Dev का बड़ा बयान: प्रदर्शन ही तय करेगा Team India में भविष्य

Kapil Dev
ANI

भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली की जगह पर कपिल देव ने स्पष्ट किया है कि टीम में स्थान केवल निरंतर प्रदर्शन पर निर्भर करता है। दिग्गज खिलाड़ियों की उम्र और पिछले रिकॉर्ड के बजाय वर्तमान फॉर्म को प्राथमिकता देना चयनकर्ताओं की मुख्य जिम्मेदारी है। यह विश्लेषण टीम इंडिया के भविष्य और टीम में संभावित बदलावों के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

 महान क्रिकेटर कपिल देव ने कहा है कि भारतीय टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का भी स्थान कभी ‘पक्का’ नहीं हो सकता लेकिन जब तक ये अनुभवी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे, तब तक उन्हें खेलने का मौका मिलना चाहिए। रोहित (39 वर्ष) और कोहली (37 वर्ष) अपने शानदार करियर के अंतिम दौर में हैं। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में शुरुआती दो मुकाबलों में रोहित के खराब प्रदर्शन के बाद उनके भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

कपिल ने यहां ‘‘कपिल देव-सुनील गुप्ता अस्पताल’’ में पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘‘क्रिकेट में किसी का स्थान कभी भी स्थायी नहीं होता। जो लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, वही खेलता है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि वह कौन है। मेरा मानना है कि प्रदर्शन पर नजर रखिए और जब तक खिलाड़ी अच्छा खेल रहा है, उसे खेलने दीजिए। ’’ उन्होंने कहा कि ऐसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य पर फैसला लेने का अधिकार चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन का है। कपिल ने कहा, ‘‘सचिन तेंदुलकर ने जब संन्यास लिया, तब उनमें काफी क्रिकेट बाकी था।

यह फैसला चयनकर्ताओं का काम है। मैं यह नहीं कहूंगा कि किसे बाहर किया जाए। यह चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है। मैं तो सिर्फ टीवी पर मैच देखकर अपनी राय दे सकता हूं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं पर भरोसा रखिए कि वे भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ टीम चुनेंगे। अगर टीम हारती भी है, तब भी हमें उनके साथ खड़ा रहना चाहिए। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘रोहित अब 20 साल के नहीं हैं। वह लगभग 40 वर्ष के हैं और हर खिलाड़ी को एक दिन संन्यास लेना ही पड़ता है। लेकिन उन्होंने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को जो खुशी दी है उसके लिए उन्हें सलाम। ’’ कपिल ने कहा, ‘‘उन्होंने इतने वर्षों तक भारतीय क्रिकेट को जो योगदान दिया है, उस पर हमें गर्व होना चाहिए। जब तक वह खेल सकते हैं या जब तक चयनकर्ताओं और कप्तान को लगता है कि उन्हें खेलना चाहिए, तब तक उन्हें अवसर मिलना चाहिए। ’’ 1983 विश्व कप विजेता कप्तान ने चयनकर्ताओं से उम्र या खिलाड़ी की प्रतिष्ठा जैसे पहलुओं से ऊपर उठकर ऐसी टीम चुनने की अपील की जो भारत के लिए मैच जीत सके।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। कल कोई नया खिलाड़ी आएगा और जिम्मेदारी संभालेगा। हमें सिर्फ बैठकर इसका आनंद लेना चाहिए। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात पर ध्यान देने की है कि कौन खिलाड़ी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ है। बहुत ज्यादा बदलाव करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण चीज जीत है।

अगर कोई खिलाड़ी अच्छा है तो उसकी उम्र या कद देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। ऐसी टीम चुननी चाहिए जो भारत को जीत दिला सके। ’’ आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं में भारत को क्रमश: 0-2 और 0-4 से मिली हार पर कपिल ने कहा, ‘‘पिछले तीन-चार वर्षों में भारतीय टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसके बाद मुझे इतनी खराब स्थिति की उम्मीद नहीं थी। लेकिन खेल में ऐसा होता है।

प्रदर्शन का एक चक्र होता है, कभी ऊपर जाता है, कभी नीचे आता है। दूसरी टीमें भी लगातार बेहतर होने की कोशिश करती हैं। मुझे लगता है कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक नयी शुरुआत है।

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